चंबा।
हिमाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। कृषि उपज मंडी समिति (APMC) के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता ललित ठाकुर ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) विजय सकलानी को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है।
ठाकुर का आरोप है कि पिछले कुछ समय से अज्ञात और संदिग्ध लोग निरंतर उनका पीछा कर रहे हैं, जिससे उन्हें किसी बड़े आपराधिक षडयंत्र की आशंका सता रही है।
ललित ठाकुर ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि संदिग्ध गतिविधियों का आभास उन्हें पहली बार 2 मई को हुआ, जब वह अपने सरकारी वाहन से बालू स्थित कार्यालय से घर लौट रहे थे।
उस दौरान कुछ अज्ञात वाहनों ने काफी दूर तक उनका पीछा किया। उन्होंने दावा किया कि यह महज कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित और संगठित साजिश रची जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस घटनाक्रम के कुछ तथ्य सामने आए हैं, जिसने उनकी चिंताओं को और गहरा कर दिया है।
पूर्व में भी हुई संदिग्ध घटनाएं
शिकायत पत्र के अनुसार, पीछा करने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जब वे चंबा से शिमला और भरमौर से लौट रहे थे, तब लूना के पास देर रात अज्ञात वाहनों ने संदिग्ध रूप से उनकी गाड़ी का पीछा किया था।
ठाकुर का कहना है कि एक सार्वजनिक पद पर आसीन व्यक्ति के रूप में उनकी सुरक्षा में इस तरह की चूक न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन के लिए खतरा है, बल्कि उनके आधिकारिक कामकाज में भी बाधा डालने का एक प्रयास है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ललित ठाकुर ने पुलिस प्रशासन से तत्काल और गहन जांच की मांग की है, ताकि पीछा करने वाले वाहनों और व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
वहीं, चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि पुलिस इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने उचित सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का भी भरोसा दिलाया है।