नेरचौक (मंडी)।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार रात एक बड़ा सड़क हादसा पेश आया है, जहाँ एक कार और सड़क किनारे खड़े हाइड्रा के बीच हुई जोरदार टक्कर में तीन युवकों की जान चली गई।
पुलिस थाना बल्ह के अंतर्गत यह दुर्घटना उस समय हुई जब नेरचौक से सुंदरनगर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार (HP 82-8322) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी भारी मशीनरी से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।
मृतकों और घायलों की पहचान
हादसे के समय कार में कुल पांच युवक सवार थे। गंभीर रूप से घायल अवस्था में सभी को अस्पताल पहुँचाया गया, लेकिन तीन युवकों ने प्राथमिक उपचार के दौरान ही दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान अनिल कुमार (28), रोहित कुमार (26) और सुभाष कुमार (35) के रूप में हुई है, जो बल्ह उपमंडल के पलाही और अंद्रेटा क्षेत्र के निवासी थे। वहीं, दो अन्य युवक, हरीश उर्फ सन्नी और पंकज कुमार की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स (AIIMS) बिलासपुर रेफर किया गया है।
स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी रोष
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे पर अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क किनारे खड़ी मशीनरी और वाहन लोगों के लिए 'काल' बन रहे हैं।
आरोप है कि इस विशेष स्थान पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कई लोग जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते सड़क के किनारे, और कई बार सड़क के अंदर तक भारी वाहन खड़े रहते हैं, जो रात के अंधेरे में घातक साबित होते हैं।
जांच में जुटी बल्ह पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही बल्ह पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब दुर्घटना के सही कारणों की जांच कर रही है—क्या यह हादसा केवल तेज रफ्तार की वजह से हुआ या फिर खड़े हाइड्रा ने दृश्यता (visibility) में बाधा उत्पन्न की थी।
पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और घटनास्थल का मुआयना किया है।
मातम में बदला क्षेत्र का माहौल
इस हादसे के बाद पलाही और आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। एक साथ तीन नौजवानों की मौत से हर कोई स्तब्ध है। लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि सड़कों के किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों और भारी मशीनरी पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए और उनके मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और का घर इस तरह न उजड़े।