शिक्षा मंत्री के गृह जिले शिमला का निराशाजनक प्रदर्शन: 12वीं की मेरिट में महज 5 छात्र शामिल

Disappointing performance of Shimla in 12th grade results
Disappointing performance of Shimla in 12th grade results

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शिमला।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का गृह जिला शिमला बुरी तरह पिछड़ गया है। जहाँ पूरे प्रदेश से कुल 121 मेधावियों ने टॉप-10 की संयुक्त मेरिट सूची में जगह बनाई, वहीं राजधानी और शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र वाले इस जिले से मात्र 5 विद्यार्थी ही अपना स्थान सुनिश्चित

कर पाए। यह स्थिति राज्य की शैक्षिक गुणवत्ता और प्रशासनिक देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े करती है, विशेषकर तब जब जिला मुख्यालय में प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान स्थित हैं।

तीनों संकायों में फिसला शिमला का ग्राफ

बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शिमला जिला तीनों ही संकायों (विज्ञान, वाणिज्य और कला) में कोई खास प्रभाव छोड़ने में विफल रहा है। जिले से मेरिट में आए 5 बच्चों में से आर्ट्स में 3, जबकि साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम में केवल एक-एक छात्र ही जगह बना पाया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि टॉप-5 की सूची में शिमला का एक भी छात्र शामिल नहीं है। जिले की सर्वोच्च उपलब्धि आर्ट्स संकाय में छठा स्थान रही, जबकि बाकी छात्र सूची के निचले पायदानों पर सिमट कर रह गए।

कांगड़ा और ऊना का मेरिट पर दबदबा

एक तरफ जहाँ शिमला का ग्राफ नीचे गिरा है, वहीं कांगड़ा और ऊना जिलों ने अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता का लोहा मनवाया है। टॉप-10 की मेरिट लिस्ट में इन दोनों जिलों का जबरदस्त दबदबा रहा।

आंकड़ों के मुताबिक, कांगड़ा से करीब 30 और ऊना से 23 छात्र मेरिट लिस्ट में शामिल हुए हैं। इन जिलों के मुकाबले शिमला का प्रदर्शन न केवल कमजोर रहा, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में भी यह काफी पीछे नजर आया।

बड़े शहरी स्कूलों को ग्रामीण प्रतिभाओं ने पछाड़ा

इस परीक्षा परिणाम का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि शिमला शहर के नामी निजी और सरकारी स्कूल मेरिट की दौड़ में कहीं नजर नहीं आए। लालपानी, पोर्टमोर और छोटा शिमला जैसे प्रतिष्ठित सरकारी स्कूलों के साथ-साथ शहर के नामी निजी स्कूलों का भी सूपड़ा साफ रहा।

इसके विपरीत, ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों ने बाजी मारी है। मेरिट में आए 5 छात्रों में से 4 ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जो यह दर्शाता है कि शिक्षा की गुणवत्ता अब बड़े शहरों के बड़े भवनों तक सीमित नहीं रह गई है।

जिले के मेधावियों का विवरण

शिमला जिले का मान बढ़ाने वाले 5 छात्रों में एसडी स्कूल शिमला की आंचल वर्मा (साइंस में 10वां स्थान) शहर की एकमात्र प्रतिनिधि रहीं। उनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से सुन्नी स्कूल के उत्कर्ष ने कॉमर्स में 7वां स्थान, घणाहट्टी स्कूल की गरिमा ने आर्ट्स में 6ठा, तथा दत्तनगर की अनन्या और कुफरी स्कूल की मालविका ने आर्ट्स में ही 10वां

स्थान प्राप्त किया है। इन छात्रों की व्यक्तिगत सफलता के बावजूद, सामूहिक रूप से जिले का प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है।

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