शिमला के चिड़गांव, धमवाड़ी, जांगला और तकलेच सहित किन्नौर के कल्पा स्कूल का चयन; 1371 विद्यार्थियों को मिलेगा राष्ट्रीय पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा का अवसर
हिमाचल प्रदेश के पांच और सरकारी स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है।
इन विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से CBSE की कक्षाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे इन स्कूलों में पढ़ रहे कुल 1371 विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
शिमला और किन्नौर जिले के स्कूल शामिल
CBSE से संबद्ध करने के लिए चयनित पांच स्कूलों में शिमला जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चिड़गांव, धमवाड़ी, जांगला और तकलेच शामिल हैं। इसके अलावा किन्नौर जिले के कल्पा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने रोहड़ू, रामपुर और किन्नौर दौरे के दौरान इन स्कूलों को CBSE से संबद्ध करने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिक्षा सचिव को तत्काल कार्रवाई करने और अनुपालना रिपोर्ट भेजने के निर्देश जारी किए।
संबद्धता के लिए औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने पांचों विद्यालयों को CBSE से संबद्ध करने के लिए स्वीकृति देने का आग्रह किया है। साथ ही संबद्धता के लिए आवेदन सहित अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है। हालांकि, इन स्कूलों में नए सत्र से CBSE की कक्षाएं शुरू होना बोर्ड से संबद्धता मिलने पर निर्भर करेगा।
चिड़गांव स्कूल में सबसे अधिक 411 विद्यार्थी
पांचों विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के लिहाज से चिड़गांव स्कूल सबसे आगे है। यहां 411 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। जांगला स्कूल में 325, धमवाड़ी में 268, तकलेच में 248 और कल्पा स्कूल में 119 विद्यार्थी नामांकित हैं। अब इन सभी स्कूलों को CBSE से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है।
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