नए भवन में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव का कार्यालय शुरू, सुक्खू बोले- लोगों को मिलने में होगी सुविधा, ट्रैफिक की समस्या से भी मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय स्थित ईलर्जली भवन चरण-II का उद्घाटन किया। भवन में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य अभी जारी है।
आने वाले समय में इसी भवन में मंत्रियों के कार्यालय भी बनाए जाएंगे। उद्घाटन के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री जगत सिंह नेगी और अनिरुद्ध सिंह मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह प्रदेश की जनता का संस्थान है, जहां से मुख्यमंत्री जनहित से जुड़े फैसले लेंगे। उन्होंने बताया कि भवन में फिलहाल 15 कमरे तैयार किए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, भवन को करीब ₹20 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।
सुक्खू ने कहा कि नए भवन के निर्माण से प्रदेश के लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने में सुविधा होगी। पुराने कार्यालय में मुख्यमंत्री के पहुंचने के दौरान ट्रैफिक रोकना पड़ता था, जिससे आम लोगों को परेशानी होती थी।
नए भवन में कार्यालय होने से ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और लोग अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष आसानी से रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि पुराना कार्यालय छोटा होने के कारण भी लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
फिजूलखर्ची के आरोपों पर सीएम का जवाब
नए मुख्यमंत्री कार्यालय को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे फिजूलखर्ची के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसी तरह की फिजूलखर्ची नहीं की है। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री पद का है। भविष्य में जो भी मुख्यमंत्री चुना जाएगा, वह इसी कार्यालय में बैठकर काम करेगा।
सुक्खू ने कहा कि यदि आने वाले 15-20 वर्षों में भाजपा भी सत्ता में आती है तो उसके मुख्यमंत्री भी इसी भवन में बैठेंगे। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
जल्द होगा मंत्रिमंडल का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार शीघ्र किया जाएगा। इसके साथ ही मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों में संभावित बदलाव को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से किशाऊ बांध को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की जयराम सरकार ने किशाऊ बांध को लेकर हुए समझौते के माध्यम से हिमाचल के संसाधनों के साथ समझौता किया था। सुक्खू ने कहा कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने उस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बांध के मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया गया और हिमाचल के हितों को ध्यान में रखते हुए बिना किसी शर्त के एमओयू साइन किया गया है। उनके अनुसार, परियोजना करीब पांच वर्ष में तैयार होने के बाद हिमाचल प्रदेश को हर साल लगभग ₹1,200 से ₹1,500 करोड़ का लाभ मिल सकता है।
सुक्खू ने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों को इस परियोजना में नुकसान उठाना पड़ा है, जबकि हिमाचल सरकार ने प्रदेश के हितों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय उत्तराखंड की तर्ज पर किए गए समझौते से हिमाचल को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस मुद्दे पर लड़ाई लड़कर प्रदेश के हित सुरक्षित किए हैं।
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