बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित जमा दो (विज्ञान संकाय) के परीक्षा परिणाम में मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, घुमारवीं के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।
स्कूल की चार छात्राओं ने प्रदेश स्तरीय टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान हासिल कर न केवल अपने संस्थान, बल्कि जिला बिलासपुर का नाम भी पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद स्कूल परिसर और मेधावियों के घरों में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
बेटियों ने गाड़े सफलता के झंडे
स्कूल की मेधावी छात्रा देवांगी ने 500 में से 490 अंक हासिल कर प्रदेश भर में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। वहीं, वस्तिका शर्मा ने 486 अंकों के साथ नौवां स्थान अपने नाम किया।
सफलता का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, सुहानी शर्मा और वैदेही ने 485-485 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रदेश की मेरिट सूची में दसवां स्थान हासिल किया है। ये सभी छात्राएं अपनी इस उपलब्धि का श्रेय स्कूल के अनुशासित वातावरण और शिक्षकों के मार्गदर्शन को देती हैं।
डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना
मेरिट में आई इन छात्राओं के सपने बेहद ऊंचे हैं। पांचवां स्थान हासिल करने वाली देवांगी जहाँ सिविल सर्विसेज में जाकर देश की सेवा करना चाहती हैं, वहीं नौवां स्थान पाने वाली वस्तिका शर्मा का लक्ष्य डॉक्टर बनना है।
दसवें स्थान पर रही वैदेही एक कुशल सर्जन बनकर समाज के जरूरतमंदों की सेवा करने का संकल्प ले चुकी हैं, जबकि सुहानी शर्मा ने भी चिकित्सा के क्षेत्र को ही अपना भविष्य चुना है। इन सभी मेधावियों ने रोजाना 8 से 10 घंटे की कड़ी मेहनत के साथ यह मुकाम हासिल किया है।
शिक्षित परिवारों की होनहार लाडलियां
दिलचस्प बात यह है कि इन सभी छात्राओं के माता-पिता शिक्षा और सरकारी सेवा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। देवांगी के पिता नंद लाल और माता इंदु बाला, वस्तिका के पिता प्रोफेसर विनोद और माता सीमा शर्मा, वैदेही के माता-पिता और सुहानी के माता-पिता सभी शिक्षा जगत में सक्रिय हैं।
मेधावियों ने बताया कि घर के शैक्षणिक माहौल और माता-पिता के निरंतर प्रोत्साहन ने उन्हें कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा दी, जिससे वे आज इस शिखर तक पहुँच पाई हैं।
प्रधानाचार्य ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
स्कूल के प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने विद्यार्थियों की इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम बच्चों की मेहनत, लगन और शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन का सामूहिक प्रतिफल है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का यह पड़ाव उनके उज्ज्वल भविष्य की मात्र एक शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि ये छात्र इसी तरह निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहे, तो जीवन में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।