शिमला।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों, विशेषकर पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की बड़ी जीत के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में भी उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा हार का ठीकरा ईवीएम (EVM) पर फोड़ने के बयान पर हिमाचल भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया है।
भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि जब कांग्रेस जीतती है तो उन्हें ईवीएम और लोकतंत्र सही लगता है, लेकिन हार मिलते ही वे अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगते हैं।
'कांग्रेस का पुराना नैरेटिव अब नहीं चलेगा'
त्रिलोक कपूर ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने कांग्रेस के उस 'झूठे नैरेटिव' को ध्वस्त कर दिया है जिसमें वे ईवीएम को दोष देते थे।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, यह लोकतंत्र का नहीं, बल्कि कांग्रेस की मानसिकता का संकट है। कपूर के अनुसार, चुनाव आयोग की पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल उठाना सीधे तौर पर जनता के जनादेश का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि देश की जनता ने विकास और स्थिरता की राजनीति को चुना है।
बंगाल में 'जनक्रांति' और असम में 'हैट्रिक'
भाजपा प्रवक्ता ने पश्चिम बंगाल के नतीजों को महज चुनावी परिणाम नहीं बल्कि एक 'जनक्रांति' करार दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने दशकों के कुशासन को उखाड़ फेंका है और भाजपा को 200 से अधिक सीटों पर जीत दिलाकर नया इतिहास रचा है।
वहीं, असम में भाजपा की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी और पुडुचेरी में एनडीए (NDA) की जीत यह साबित करती है कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की स्वीकार्यता हर क्षेत्र में बढ़ रही है।
हिमाचल की जनता भी देख रही है 'विफलताएं'
त्रिलोक कपूर ने मुख्यमंत्री सुक्खू को घेरते हुए कहा कि बहाने बनाने के बजाय उन्हें प्रदेश की जमीनी हकीकत देखनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह अन्य राज्यों में कांग्रेस को नकारा गया है, वैसे ही हिमाचल प्रदेश की जनता भी वर्तमान सरकार की विफलताओं का हिसाब आने वाले चुनावों में चुकता करेगी।
कपूर ने कहा कि हार के बाद ईवीएम का जाप करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है, जिसे अब देश की जनता पूरी तरह समझ चुकी है।