राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने 14वीं विधानसभा के 13वें सत्र की अधिसूचना की जारी; तपोवन में छह दिन होगा शासकीय और विधायी कामकाज
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 21 नवंबर तक धर्मशाला के तपोवन में आयोजित होगा। छह दिनों तक चलने वाला यह सत्र सुक्खू सरकार का आखिरी शीतकालीन सत्र होगा।
प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने 14वीं विधानसभा के 13वें शीतकालीन सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा की ओर से जारी अस्थायी कार्यसूची के अनुसार, सत्र की शुरुआत 16 नवंबर को दोपहर 2 बजे शोकोद्गार के साथ होगी। इसके बाद शासकीय और विधायी कार्य किए जाएंगे।
सत्र की कार्यवाही छह दिनों तक चलेगी। 16 नवंबर सोमवार को शोकोद्गार के बाद शासकीय एवं विधायी कार्य होंगे। 17 और 18 नवंबर को भी शासकीय और विधायी कामकाज निर्धारित है। 19 नवंबर वीरवार को शासकीय कार्य के साथ गैर-सरकारी सदस्य कार्य किया जाएगा। वहीं, 20 नवंबर शुक्रवार और 21 नवंबर शनिवार को शासकीय एवं विधायी कार्य होंगे।
तपोवन में आयोजित होने वाले इस सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक तल्खी देखने को मिल सकती है। जहां सरकार विधायी कार्यों को पूरा करने और अपनी उपलब्धियां सामने रखने की तैयारी में रहेगी, वहीं विपक्ष जनहित के मुद्दों, विकास कार्यों और सरकारी नीतियों को लेकर सरकार को घेर सकता है।
ऐसे में छह दिवसीय शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।
सुक्खू सरकार के लिए यह सत्र इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के चलते इसी अवधि में शीतकालीन सत्र आयोजित होना मुश्किल हो सकता है। अब सबकी नजरें तपोवन में होने वाली सदन की कार्यवाही और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच उठने वाले मुद्दों पर रहेंगी।
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