इंदौरा में दर्ज एनडीपीएस मामले की वित्तीय जांच के बाद सक्षम प्राधिकारी ने तीन संपत्तियों पर की कार्रवाई की पुष्टि; नूरपुर पुलिस अब तक ₹31.71 करोड़ की संपत्तियां करा चुकी है फ्रीज
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे एंटी चिट्टा अभियान के तहत नूरपुर पुलिस ने वित्तीय कार्रवाई करते हुए ₹1,01,55,718 मूल्य की तीन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि करवाई है।
सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, SAFEM (FOP)A एवं NDPS Act, नई दिल्ली ने 26 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर इन संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि की। एएसपी नूरपुर धर्मचंद वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान और तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।
पुलिस थाना इंदौरा में 30 मई 2017 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत एफआईआर संख्या 152/2017 दर्ज की गई थी। इस मामले में दलवीरो के कब्जे से 6.50 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।
मामले में न्यायालय ने 1 अप्रैल 2025 को उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद नूरपुर पुलिस ने संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व, निर्माण, मूल्यांकन और उनके अर्जन के वैध स्रोतों की जांच की।
जांच के आधार पर पुलिस थाना इंदौरा ने 28 सितंबर 2026 को फ्रीजिंग आदेश संख्या 2276/5A पारित कर पुष्टि के लिए सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली को भेजा था।
इन तीन संपत्तियों को फ्रीज करने की पुष्टि
पुलिस के अनुसार, पहली संपत्ति दलवीरो पत्नी स्वर्गीय अजय कुमार की है। गांव छन्नी, तहसील इंदौरा में स्थित इस आवासीय संरचना का निर्धारित मूल्य ₹61,96,561 है। दूसरी संपत्ति मिथुन उर्फ छप्पर पुत्र स्वर्गीय अजय कुमार से संबंधित है।
इसमें गांव छन्नी स्थित आवासीय संरचना के साथ फर्नीचर, घरेलू उपकरण और अन्य घरेलू सामान शामिल हैं, जिनका कुल निर्धारित मूल्य ₹32,60,950 है। तीसरी संपत्ति घारो देवी पुत्री स्वर्गीय अजय कुमार की मारुति सुजुकी कार है, जिसका पंजीकरण नंबर HP38E-0464 और निर्धारित मूल्य ₹6,98,207 है। तीनों संपत्तियों का कुल मूल्य ₹1,01,55,718 है।
धर्मचंद वर्मा के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी ने एनडीपीएस एक्ट के अध्याय-V-A की धारा 68F(2) के तहत फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि की है। इस कार्रवाई के तहत संबंधित संपत्तियों को बेचने, हस्तांतरित करने या किसी अन्य तरीके से उनका निपटान करने पर वैधानिक प्रतिबंध प्रभावी किया जाता है, ताकि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अब तक ₹31.71 करोड़ से अधिक की संपत्तियां फ्रीज
नूरपुर पुलिस नशा तस्करी के मामलों में मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की वित्तीय जांच पर भी ध्यान दे रही है।
पुलिस के मुताबिक, अब तक नशा तस्करों की कुल ₹31,71,61,429 मूल्य की संपत्तियों को सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद फ्रीज किया जा चुका है। पुलिस जिला नूरपुर ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी या अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को पुलिस के साथ साझा करें।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube