मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नूरपुर पुलिस की कार्रवाई को सराहा, बोले- नशा माफिया के पूरे नेटवर्क और उसकी आर्थिक व्यवस्था को ध्वस्त करना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि नशे के कारोबार से करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले तस्करों को अब अपनी कमाई का हिसाब देना होगा। उन्होंने कहा कि नशा बेचकर आलीशान कोठियां, होटल और दुकानें बनाई गईं, जमीनें खरीदी गईं और महंगी गाड़ियां खरीदी गईं। सरकार अब नशे के कारोबार से अर्जित ऐसी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबार से अर्जित पैसा और संपत्ति वास्तव में उन गरीब परिवारों की कीमत पर बनाई गई है, जिनके बच्चे नशे के जाल में फंसाए गए हैं। इसलिए नशा तस्करों की अवैध कमाई पर कार्रवाई करना केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज और प्रभावित परिवारों के हित में भी आवश्यक कदम है।
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और लगभग 3.27 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के लिए नूरपुर पुलिस को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और नशे की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करों की कमाई का हर रुपया अब जनता का होगा। उन्होंने कहा कि नशे की कमाई से बनाई गई संपत्ति उन परिवारों की कीमत पर अर्जित होती है, जिनके बच्चे इस गंभीर सामाजिक बुराई का शिकार हो जाते हैं। नूरपुर में जब्त की गई संपत्तियों में आलीशान कोठी, जमीन, होटल, दुकानें, वाहन और बैंक खाते शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि नूरपुर पुलिस की यह कार्रवाई नशा माफिया के लिए स्पष्ट संदेश है कि हिमाचल प्रदेश में उनके लिए कोई स्थान नहीं है। सरकार नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक सीमित कार्रवाई नहीं कर रही है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और आर्थिक व्यवस्था पर भी प्रहार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य नशे के पूरे नेटवर्क, उसकी आर्थिक व्यवस्था और नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति को पूरी तरह ध्वस्त करना है। पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस दिशा में पूरी स्वतंत्रता दी गई है तथा राज्य सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।
पुलिस जिला नूरपुर में अब तक 17 मामलों में 29.95 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई नशा माफिया के खिलाफ प्रदेश सरकार की सख्त नीति और पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है और इसे नशे की गिरफ्त में फंसाने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए नशे के कारोबार से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति और पूरे नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद PIT-NDPS कानून को लागू किया गया है, जिसके तहत आदतन अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की गई है और ऐसे आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि नशे के कारोबार से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि समाज को इस गंभीर बुराई से मुक्त करने के लिए जनता की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर तक नशा माफिया की मैपिंग की गई है और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों तथा उनके नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य और समाज को नशे से बचाने के लिए नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रखेगी।
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