ज्योरियातन और झंडूता में लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार की दी जानकारी, परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार से किया संवाद
‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के पांचवें दिन एनसीसी कैडेट्स ने साहसिक नौकायन के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। कलोल की ओर बढ़ते हुए अभियान के दौरान ज्योरियातन नामक स्थान पर कैडेट्स को बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ मिली।
कैडेट्स ने इस अवसर का उपयोग जन-जागरूकता के लिए किया और लोगों को टीबी के लक्षणों, बचाव, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक किया।
कैडेट्स ने स्थानीय लोगों को बताया कि टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बीमारी की आशंका होने पर समय पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही कैडेट्स ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को टीबी से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
झंडूता में भी गूंजा ‘टीबी मुक्त भारत’ का संदेश
ज्योरियातन के बाद कैडेट्स ने नौकायन करते हुए झंडूता का रुख किया। झंडूता पहुंचने पर भी एनसीसी कैडेट्स ने जागरूकता रैली का आयोजन किया। रैली के माध्यम से स्थानीय लोगों को टीबी मुक्त भारत के संकल्प से जोड़ा गया।
कैडेट्स ने लोगों से आह्वान किया कि वे टीबी के लक्षणों के प्रति सजग रहें और बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी कैडेट्स की ओर से चलाए जा रहे इस सामाजिक जागरूकता अभियान की सराहना की।
देर शाम कलोल पहुंचे सभी 70 कैडेट्स
दिनभर की सेलिंग और जागरूकता गतिविधियों के बाद सभी 70 एनसीसी कैडेट्स एवं प्रशिक्षक दल देर शाम कलोल पहुंचे। यहां अभियान का एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पड़ाव परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार के साथ कैडेट्स का विशेष संवाद रहा।
इस दौरान कैडेट्स ने उनके सैन्य अनुभवों को जाना और राष्ट्रसेवा से जुड़े उनके अनुभवों से प्रेरणा ली। सूबेदार मेजर संजय कुमार ने कैडेट्स को राष्ट्रसेवा तथा भारतीय सशस्त्र सेनाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
साहसिक अभियान के साथ सामाजिक सरोकार
‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के दौरान एनसीसी कैडेट्स साहसिक नौकायन के साथ सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यों में भी भाग ले रहे हैं। स्वच्छ भारत, जल संरक्षण और टीबी मुक्त भारत जैसे अभियानों के माध्यम से कैडेट्स समाज के बीच जागरूकता का संदेश पहुंचा रहे हैं।
अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि एनसीसी का प्रशिक्षण केवल साहस और अनुशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने की भावना भी शामिल है। गोविंद सागर की लहरों से लेकर गांव-गांव तक पहुंचता ‘संकल्प’ अब साहस, सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहा है।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube