ऋषिकेश में टीबी मुक्त भारत जागरूकता रैली का आयोजन, चिकित्सकों ने कैडेट्स को टीबी की रोकथाम और उपचार की दी जानकारी
गोविंद सागर झील में आयोजित ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के तीसरे दिन एनसीसी कैडेट्स ने साहस, अनुशासन, टीमवर्क और सामाजिक जिम्मेदारी का शानदार परिचय दिया। दिन की शुरुआत कैडेट्स ने सुबह योग और हल्के व्यायाम के साथ की।
इसके बाद कैडेट्स ने चांदपुर से ऋषिकेश तक नौकायन करते हुए भराड़ी पुल तक का सफर तय किया। अभियान के दूसरे दिन कैडेट्स ने कुल 23 किलोमीटर की सेलिंग पूरी की।
प्रशिक्षकों की देखरेख में कैडेट्स ने नौकायन की तकनीक, जल परिस्थितियों के अनुसार नाव संचालन, टीमवर्क और आपसी समन्वय के महत्वपूर्ण गुर सीखे। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर आगे बढ़ते हुए कैडेट्स ने साहस और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।
टीबी मुक्त भारत के संदेश के साथ निकली जागरूकता रैली
सेलिंग के बाद कैडेट्स राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, ऋषिकेश पहुंचे। यहां टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रति लोगों और बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता रैली आयोजित की गई। स्थानीय विद्यालय के कैडेट्स ने भी रैली में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्य शशि पाल चौहान और समस्त स्टाफ ने कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार, लेफ्टिनेंट कमांडर जतिंदर सिंह, कमांडिंग ऑफिसर, 3 पंजाब नेवल यूनिट भटिंडा, एनसीसी कैडेट्स और प्रशिक्षक दल का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
रैली के माध्यम से कैडेट्स ने टीबी की रोकथाम, लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और उपचार के साथ बीमारी के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
चिकित्सकों ने टीबी की रोकथाम को लेकर किया संवाद
रैली के बाद कैडेट्स के लिए टीबी मुक्त भारत विषय पर विशेष जागरूकता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. के.एस. चंदेल और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर दीपिका ने एनसीसी कैडेट्स के साथ संवाद किया।
चिकित्सकों ने कैडेट्स को टीबी के कारणों, लक्षणों, संक्रमण से बचाव, समय पर जांच और उपचार के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कैडेट्स से स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार, विद्यालय और आसपास के समाज में भी टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
डॉ. के.एस. चंदेल ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही देश को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, सही उपचार और जागरूकता टीबी की रोकथाम के प्रभावी माध्यम हैं।
एनसीसी कैडेट्स बन रहे सामाजिक जागरूकता के दूत
अभियान के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन सिंह ने कहा कि ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ का उद्देश्य केवल कैडेट्स को नौकायन और साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना भी है।
उन्होंने कहा कि कैडेट्स का टीबी मुक्त भारत जैसे महत्वपूर्ण अभियान से जुड़ना दर्शाता है कि एनसीसी युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि कैडेट्स ने दूसरे दिन 23 किलोमीटर की सेलिंग पूरी कर अनुशासन, धैर्य, टीम भावना, नेतृत्व और कठिन परिस्थितियों में एकजुट होकर लक्ष्य हासिल करने का अनुभव प्राप्त किया। इसके साथ ही जागरूकता रैली के माध्यम से कैडेट्स ने समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने का संदेश दिया।
विद्यालय परिवार ने किया गर्मजोशी से स्वागत
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विद्यालय के कैडेट्स और विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रधानाचार्य शशि पाल चौहान, विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य, पीआई स्टाफ, एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर अब्दुल मजीद, सब लेफ्टिनेंट सुरेश कुमार और चीफ इंस्ट्रक्टर धीरज राठौर की उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के माध्यम से एनसीसी कैडेट्स गोविंद सागर झील में जहां अपने नौकायन कौशल और साहस का प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विभिन्न सामाजिक अभियानों से जुड़कर स्वास्थ्य जागरूकता, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र सेवा का संदेश भी जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
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