सुंदरनगर विधायक ने कहा- जिला परिषद चुनाव परिणामों ने 2027 के मिशन रिपीट के दावों की हवा निकाली, अब ‘मिशन करेक्शन’ का समय
हिमाचल के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों ने भी कांग्रेस को नकार दिया है। भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जमवाल ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव परिणामों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के शिमला में आए चुनाव परिणामों ने कांग्रेस सरकार के मिशन रिपीट के दावों की हवा निकाल दी है। प्रदेश की 11 जिला परिषदों में से 10 पर भाजपा का कब्जा होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ग्रामीण हिमाचल ने कांग्रेस सरकार को नकार दिया है।
राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लगातार 2027 में कांग्रेस सरकार के मिशन रिपीट की बातें कर रहे हैं, लेकिन पंचायतों से लेकर जिला परिषदों तक जनता का जनादेश उनके दावों के बिल्कुल विपरीत है।
पहले मुख्यमंत्री के गृह जिले में कांग्रेस को जनता ने आईना दिखाया और अब राजधानी शिमला में भी सत्तापक्ष को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। सत्ता की पूरी ताकत और सरकारी तंत्र होने के बावजूद जनता का विश्वास हासिल न कर पाना कांग्रेस सरकार के लिए गंभीर राजनीतिक चेतावनी है।
उन्होंने कहा कि शिमला में सरकार के पास तीन मंत्री, छह विधायक, चेयरमैन, ओएसडी और सत्ता से जुड़े नेताओं की पूरी फौज है, लेकिन इसके बावजूद पंचायत स्तर पर कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिला।
इससे स्पष्ट है कि समस्या संगठन या कार्यकर्ताओं में नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली में है। सत्ता के प्रभाव के बावजूद जनता यदि साथ खड़ी नहीं होती तो मुख्यमंत्री को अपनी सरकार के कामकाज पर आत्ममंथन करना चाहिए।
जमवाल ने कहा कि पंचायत और जिला परिषद चुनावों में जनता सीधे अपने अनुभव के आधार पर फैसला करती है। गांव का मतदाता जानता है कि सड़क की हालत क्या है, अस्पतालों में सुविधाएं कैसी हैं, परिवहन की स्थिति क्या है और सरकारी कार्यालयों में उसकी सुनवाई हो रही है या नहीं।
इसीलिए 11 में से 10 जिला परिषदों में भाजपा की जीत कांग्रेस सरकार के खिलाफ ग्रामीण जनता के स्पष्ट असंतोष का प्रमाण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद राजनीतिक बदले की भावना से संस्थानों को बंद किया, विकास कार्यों को प्रभावित किया और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की अनदेखी की।
महंगाई, रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क और परिवहन जैसे मुद्दों को लेकर आम जनता परेशान है। सरकार विज्ञापनों और आंकड़ों के माध्यम से अपनी उपलब्धियां गिनाने में लगी है, जबकि जमीनी हकीकत चुनाव परिणामों में सामने आ रही है।
भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के पास विधानसभा का बहुमत हो सकता है, लेकिन लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास होता है। पंचायतों से लेकर जिला परिषदों तक मिले जनादेश ने साफ कर दिया है कि सरकार के प्रति जनता का भरोसा लगातार कमजोर हुआ है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए कहा कि अब ‘मिशन रिपीट’ के सपने देखने के बजाय ‘मिशन करेक्शन’ पर ध्यान देने का समय है। मुख्यमंत्री को सत्ता के अहंकार से बाहर निकलकर जनता की आवाज सुननी चाहिए और पंचायत चुनावों के संदेश को गंभीरता से समझना चाहिए।
राकेश जमवाल ने कहा कि आज के जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के परिणाम कांग्रेस सरकार के लिए महज चुनावी आंकड़े नहीं, बल्कि 2027 का स्पष्ट राजनीतिक संकेत हैं। 11 में से 10 जिला परिषदों पर भाजपा का कब्जा बताता है कि हिमाचल की जनता बदलाव की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।
यदि मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेतृत्व ने इस जनादेश से सबक नहीं लिया तो विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को इससे भी कड़ा जवाब देगी।
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