25 सदस्यीय जिला परिषद में भाजपा ने 13 तो कांग्रेस ने 12 सदस्यों के समर्थन का किया दावा, दोनों दलों के दिग्गज पहुंचे बचत भवन
शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। 25 सदस्यीय जिला परिषद में दोनों दल अपने-अपने पक्ष में बहुमत होने का दावा कर रहे हैं।
हिमाचल हाई कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी है। इससे पहले चुनाव में देरी को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा था। जिला परिषद के गठन के करीब तीन महीने बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने जा रहा है। लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।
बुधवार को भाजपा ने अपने सभी सदस्यों के साथ बैठक कर चुनाव को लेकर चर्चा की और अपने पक्ष में समर्थन होने का दावा किया। भाजपा की ओर से राज्यसभा सदस्य हर्ष महाजन, सिकंदर कुमार और विधायक बलवीर वर्मा भी सदस्यों के साथ बचत भवन पहुंचे।
वहीं, कांग्रेस की ओर से पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और सहकारी बैंक के चेयरमैन देवेंद्र श्याम मौके पर पहुंचे। चुनाव में सामान्य पोस्टर लागू रहेगा।
25 सदस्यीय जिला परिषद में भाजपा ने 13 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है, जबकि कांग्रेस की ओर से 12 सदस्यों के समर्थन की बात कही जा रही है। भाजपा के 11 निर्वाचित सदस्यों को दो निर्दलीय सदस्यों का समर्थन मिलने का दावा है।
वहीं कांग्रेस के 10 निर्वाचित सदस्यों के साथ दो निर्दलीय सदस्यों के खड़े होने की बात सामने आई है। भाजपा ने देर शाम अपने निर्वाचित सदस्यों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की। पार्टी नेताओं का दावा है कि उसके पास आवश्यक समर्थन मौजूद है और वह अध्यक्ष व उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत हासिल करेगी।
यह चुनाव भाजपा के लिए शिमला जिला की राजनीति में नया इतिहास बनाने का मौका माना जा रहा है। यदि भाजपा जिला परिषद की सत्ता अपने हाथ में लेने में सफल रहती है तो इसे जिला की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जाएगा।
वहीं कांग्रेस के सामने अपने परंपरागत प्रभाव वाले क्षेत्र में पकड़ बनाए रखने की चुनौती है। कांग्रेस अपने समर्थक सदस्यों को एकजुट रखने और भाजपा के दावे को विफल करने की कोशिश में जुटी हुई है।
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