पूर्व मंत्री ने कहा- मिशन रिपीट से पहले मुख्यमंत्री शुरू करें मिशन करेक्शन, पंचायत चुनावों ने दिखाया जनता का बदलता रुख
पूर्व मंत्री एवं जसवां-प्रागपुर विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने प्रदेश में संपन्न पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव परिणामों को कांग्रेस सरकार के लिए गंभीर राजनीतिक चेतावनी करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 2027 में मिशन रिपीट के सपने देख रहे हैं, लेकिन पंचायत चुनावों ने सरकार को जमीनी हकीकत का आईना दिखा दिया है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में सरकार समर्थित उम्मीदवारों को मिले झटके के बाद शिमला जैसे महत्वपूर्ण जिले में भी जिस तरह का जनादेश सामने आया है, वह कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर जनता के रुख को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सत्ता के गलियारों में बैठकर मिशन रिपीट की रणनीति बनाने और गांव की चौपाल पर जनता के बीच जाकर उसकी नब्ज समझने में जमीन-आसमान का अंतर है।
उन्होंने कहा कि शिमला जिले में कांग्रेस सरकार के पास राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव की कोई कमी नहीं है। सरकार के कई मंत्री, विधायक, चेयरमैन, ओएसडी और पार्टी संगठन से जुड़े बड़े नेता पूरी ताकत के साथ मैदान में थे।
इसके बावजूद सत्तापक्ष समर्थित उम्मीदवारों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इसे महज चुनावी परिणाम समझने की भूल नहीं करनी चाहिए, बल्कि यह संदेश समझना चाहिए कि सरकार के कामकाज और नीतियों को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि पंचायती राज चुनावों की खासियत यह है कि यहां जनता बड़े राजनीतिक मंच के भाषणों के बजाय गांव में हुए विकास, उपलब्ध सुविधाओं, सरकारी कार्यालयों के व्यवहार और रोजमर्रा की समस्याओं के आधार पर निर्णय लेती है। इसलिए पंचायतों से निकलने वाली आवाज को नजरअंदाज करना कांग्रेस सरकार के लिए राजनीतिक भूल साबित हो सकती है।
बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालने के बाद जनता से किए गए अनेक वादों को पूरा करने के बजाय प्रदेश को राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक अव्यवस्था की ओर धकेला। उन्होंने संस्थान बंद करने, विकास कार्यों को प्रभावित करने, कर्मचारियों और आम लोगों की समस्याओं को लंबित रखने तथा प्रदेश की मूलभूत सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान न देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण हिमाचल सड़क, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सवालों के जवाब मांग रहा है। सरकार के पास घोषणाओं और दावों की लंबी सूची हो सकती है, लेकिन जनता को कागजों पर उपलब्धियां नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए।
बिक्रम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता स्थायी नहीं होती। विधानसभा में संख्या बल सरकार को पांच साल तक चला सकता है, लेकिन जनता का विश्वास ही किसी सरकार को दोबारा सत्ता में लाता है। उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनावों के परिणामों ने कांग्रेस सरकार के प्रति जनता के बदलते रुख की तस्वीर सामने रख दी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को मिशन रिपीट का नारा देने से पहले मिशन करेक्शन शुरू करना चाहिए। मुख्यमंत्री को अपने गृह जिले से लेकर शिमला तक सामने आए राजनीतिक संदेश पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यदि सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय अपनी उपलब्धियों के प्रचार में ही व्यस्त रही तो आने वाले समय में राजनीतिक नुकसान और गहरा हो सकता है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के लिए पंचायत चुनावों का जनादेश पहली बड़ी राजनीतिक घंटी है। गांव-गांव से उठ रही नाराजगी को यदि समय रहते नहीं समझा गया तो 2027 के विधानसभा चुनाव में यही नाराजगी कांग्रेस के खिलाफ बड़े जनादेश में बदल सकती है। उन्होंने दावा किया कि पंचायतों से शुरू हुआ यह जनादेश 2027 में सत्ता परिवर्तन की मजबूत नींव बनेगा।
बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच लगातार सक्रिय हैं और आने वाले समय में कांग्रेस सरकार की नाकामियों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता अब सरकार के दावों और वास्तविकता के बीच का अंतर समझ चुकी है और 2027 में कांग्रेस सरकार से अधूरे वादों तथा फैसलों का हिसाब मांगेगी।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube