बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताई चिंता

बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताई चिंता
बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताई चिंता

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले विधायक, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक और पैरामेडिकल संस्थान सहित मेडिकल यूनिवर्सिटी की मांग उठाई

बल्ह विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज सहित हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज को प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक,

पैरामेडिकल संस्थान और मेडिकल यूनिवर्सिटी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले विधायक

विधायक इंद्र सिंह गांधी ने दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बल्ह विधानसभा क्षेत्र सहित हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की और केंद्रीय मंत्री को मांगपत्र सौंपा।

विधायक ने बल्ह की जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही समस्याओं, नेरचौक मेडिकल कॉलेज की आवश्यकताओं तथा क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर अपनी बात रखी।

उन्होंने नेरचौक मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक की स्थापना, पैरामेडिकल संस्थान के निर्माण तथा मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए उपलब्ध भूमि का उपयोग करने की मांग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखी।

पैरामेडिकल संस्थान के लिए 12 करोड़ रुपये लंबित

इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि पैरामेडिकल संस्थान के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की करीब 12 करोड़ रुपये की राशि विभाग के पास लंबित है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज नेरचौक के साथ लगभग 10 बीघा भूमि भी उपलब्ध है, जहां पैरामेडिकल संस्थान का निर्माण किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में अनावश्यक देरी किए बिना निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए। इससे प्रदेश के युवाओं को बेहतर पैरामेडिकल शिक्षा के अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार हो सकेगा।

मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए 278 बीघा भूमि उपलब्ध होने का दावा

विधायक ने कहा कि मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए भी पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अटल मेडिकल एवं रिसर्च यूनिवर्सिटी से संबंधित क्षेत्र में मुहाल मुड़ापार में करीब 200 बीघा भूमि उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त टावा मुहाल, कंसा चौक ग्राउंड में करीब 78 बीघा समतल भूमि उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि जब मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए इतनी बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध है तो इसके निर्माण में देरी का कोई औचित्य नहीं है। सरकार को इच्छाशक्ति दिखाते हुए इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि समतल और पर्याप्त भूमि होने के कारण यहां मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए आवश्यक भवन, हॉस्टल, अनुसंधान केंद्र और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा सकता है। इससे हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी तथा प्रदेश के युवाओं को उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

नेरचौक मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं की कमी पर चिंता

विधायक ने कहा कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मरीजों को कई मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई बार दवाइयों की उपलब्धता को लेकर मरीजों को परेशानी होती है, जबकि मशीनों के खराब रहने के कारण भी मरीजों को अपेक्षित उपचार नहीं मिल पाता। गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों को सुविधाओं के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य से नेरचौक में इतना बड़ा मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया था, उस स्तर की सुविधाएं मरीजों को मिलना सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर अस्पताल में आवश्यक दवाइयां, अत्याधुनिक मशीनें, विशेषज्ञ चिकित्सक और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।

मंडी सहित कई जिलों को मिल सकता है लाभ

इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि बल्ह की जनता लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की अपेक्षा कर रही है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज क्षेत्र ही नहीं, बल्कि मंडी सहित आसपास के कई जिलों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। इसलिए इसकी सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग से यदि नेरचौक को सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाता है तो इसका लाभ केवल बल्ह और मंडी को ही नहीं, बल्कि कुल्लू, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, हमीरपुर और प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को भी मिलेगा।

विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक है और सरकार उपलब्ध संसाधनों का भी प्रभावी उपयोग नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि और उपलब्ध भूमि का समयबद्ध उपयोग कर स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तार किया जाना चाहिए,

ताकि हिमाचल के लोगों को बेहतर इलाज और युवाओं को बेहतर चिकित्सा शिक्षा के अवसर प्रदेश में ही मिल सकें।

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