भाजपा विधायक का आरोप- कांग्रेस में बढ़ी गुटबाजी, 2027 के विधानसभा चुनावों का ट्रेलर है पंचायती राज चुनावों में मिली हार
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस में गुटबाजी इस स्तर तक पहुंच गई है कि मुख्यमंत्री के अपने गुट के नेता ही उनके खिलाफ लामबंद हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन नेताओं को मुख्यमंत्री ने अपने साथ रखा और जिन पर भरोसा जताया, वही अब उनकी कार्यप्रणाली से नाराज होकर दूसरे गुटों के साथ खड़े हो रहे हैं। जम्वाल के अनुसार, यह स्थिति कांग्रेस के भीतर बढ़ते असंतोष को दर्शाती है और मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ते नजर आ रहे हैं।
अपने ही गुट के नेताओं की नाराजगी पर उठाए सवाल
राकेश जम्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू लगातार गुटबाजी को लेकर बयान देते रहे, लेकिन अब उनके अपने गुट के नेता ही उनसे नाराज होकर दूसरे गुटों में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दूसरों को गुटबाजी का पाठ पढ़ाने वाले मुख्यमंत्री आज अपनी ही पार्टी के गुटों के बीच घिरे हुए हैं। जम्वाल ने सवाल उठाया कि जब करीबी और समर्थक माने जाने वाले नेता ही मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली का विरोध करने लगें, तो उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी कार्यशैली पर आत्ममंथन करना चाहिए।
दिल्ली से रामपुर तक गुटबाजी का आरोप
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर गुटों की लड़ाई अब बंद कमरों तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने कहा कि कभी दिल्ली में मुख्यमंत्री के खिलाफ लामबंदी दिखाई देती है, तो कभी अलग-अलग बैठकों के जरिए शक्ति प्रदर्शन होता है। उन्होंने कैबिनेट बैठकों के बहिष्कार जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया।
जम्वाल ने रामपुर में मुख्यमंत्री के धुर विरोधियों के साथ हुए शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व सीपीएस नीरज भारती की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पार्टी के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठते हैं। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री के खिलाफ असंतोष केवल दूसरे गुटों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अपने खेमे में भी नाराजगी बढ़ रही है।
जनता को भ्रामक बातों में उलझाने का लगाया आरोप
राकेश जम्वाल ने आरोप लगाया कि अपनी ही पार्टी में बढ़ते विरोध और कमजोर पड़ती राजनीतिक पकड़ से ध्यान हटाने के लिए मुख्यमंत्री जनता को झूठी और भ्रामक बातों में उलझा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बढ़ते करों और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में उलझी हुई है।
उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने और प्रदेश के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय सरकार कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और खींचतान में फंसी हुई है। जम्वाल के अनुसार, मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली से नाराज नेताओं का दूसरे गुटों के साथ खड़ा होना कांग्रेस के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पंचायती राज चुनावों की हार को बताया 2027 का ट्रेलर
भाजपा विधायक ने पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस को मिली हार का जिक्र करते हुए इसे सरकार के लिए चेतावनी बताया। उन्होंने दावा किया कि जनता ने अपने जनादेश के जरिए नाराजगी का संकेत दिया है और यह 2027 के विधानसभा चुनावों का ट्रेलर है।
जम्वाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चार साल तक जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया और अब अंतिम वर्ष में घोषणाओं की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता केवल घोषणाओं और दावों से संतुष्ट होने वाली नहीं है।
2027 में जनता वोट से देगी जवाब: जम्वाल
राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी के बीच का अंतर सामने आ चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उनके अपने गुट के नेता उनसे नाराज क्यों हैं और दूसरे गुटों के साथ मिलकर उनके खिलाफ क्यों खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में जारी गुटबाजी पार्टी की अंदरूनी स्थिति को उजागर करती है और मुख्यमंत्री अपने ही नेताओं का भरोसा खोते जा रहे हैं। जम्वाल ने कहा कि वर्ष 2027 में प्रदेश की जनता कांग्रेस की गुटबाजी, सरकार की कार्यप्रणाली और अधूरे वादों का जवाब अपने वोट से देगी।
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