भाजपा प्रवक्ता ने सीएम कार्यालय के रेनोवेशन पर 40-50 करोड़ खर्च का दावा किया, दिल्ली की फर्म और नादौन जमीन मामले पर भी उठाए सवाल
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने हमीरपुर के होटल हमीर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली और आर्थिक मामलों को लेकर कई सवाल उठाए।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में प्रदेश पर भारी कर्ज बढ़ा है और इस धन का उचित इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
राजेंद्र राणा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश पर 44 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है और प्रदेश को कर्ज में डुबोने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद सरकारी स्तर पर फिजूलखर्ची की जा रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय के रेनोवेशन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को रेनोवेट करने पर करीब 40 से 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कार्यालय के लिए बाहरी देशों से फर्नीचर के लिए पेंट मंगवाया जा रहा है और खिड़कियों के पर्दों की खरीद पर भी हजारों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि जब प्रदेश की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और सरकार पर कर्ज बढ़ रहा है, ऐसे समय में मुख्यमंत्री कार्यालय के रेनोवेशन पर करोड़ों रुपये खर्च करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को इस तरह की फिजूलखर्ची से बचना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भाजपा सरकार द्वारा इन खर्चों की जांच करवाई जाएगी।
दिल्ली की फर्म को काम देने पर भी उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री पर दिल्ली की एक फर्म को हिमाचल प्रदेश में करोड़ों रुपये का काम दिए जाने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की एक कंसल्टेंसी पूरे प्रदेश में सरकार से जुड़े कार्य कर रही है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास बेहतरीन अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद हैं, जो डिजाइन सहित विभिन्न कार्यों को बेहतर तरीके से कर सकते हैं। इसके बावजूद दिल्ली की फर्म से काम करवाने की जरूरत क्यों पड़ी, इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री से जवाब मांगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या आवश्यकता थी कि दिल्ली की एक फर्म को हिमाचल में करोड़ों रुपये का काम दिया गया। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री इस पूरे मामले की स्थिति जनता के सामने स्पष्ट करें।
नादौन जमीन मामले को लेकर भी लगाए आरोप
राजेंद्र राणा ने प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री पर नादौन में जमीन से जुड़े मामले को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने अपने भाई के नाम पर नादौन में 769 कनाल जमीन खरीदी थी। राजेंद्र राणा के अनुसार बाद में करीब 200 कनाल भूमि मुख्यमंत्री के नाम करवाई गई और इस जमीन को आईपीएच विभाग को करीब 77 करोड़ रुपये में बेचा गया।
भाजपा प्रवक्ता ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जमीन की खरीद और बाद में आईपीएच विभाग को जमीन बेचे जाने से जुड़े पूरे मामले पर मुख्यमंत्री को जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार पर आर्थिक मामलों में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकारी धन किस तरह खर्च किया जा रहा है और विभिन्न कार्यों के लिए बाहरी फर्मों को जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है।
राजेंद्र राणा द्वारा लगाए गए इन आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के संकेत हैं।
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