जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हार के बाद जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना, कांग्रेस की गुटबाजी और ‘सुक्खू-शुल्क’ को लेकर भी घेरा
शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और मौजूदा राजनीतिक हालात से विचलित हैं तथा हार की हताशा उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री की ओर से इसे ‘नॉर्मल रूटीन’ बताए जाने पर जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कई सवाल उठाए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव इतना ही ‘नॉर्मल रूटीन’ काम था तो सरकार लोकतंत्र की धज्जियां क्यों उड़ा रही थी और संविधान की मर्यादा को तार-तार क्यों किया जा रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बार-बार पंचायती राज चुनावों को रोकने की कोशिश की और इसके लिए डिजास्टर एक्ट का बहाना बनाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपदा प्रभावितों के बीच आपदा राहत के पैसे से सरकार के कार्यकाल का जश्न मनाया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने रोज नए-नए नियम बनाकर अपने मित्र मंडल, सहयोगियों और करीबियों को जनप्रतिनिधि बनाने का रास्ता साफ करने की कोशिश की, जिसे न्यायालय द्वारा बार-बार खारिज किया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा समर्थित प्रत्याशियों और नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज करना भी ‘नॉर्मल रूटीन’ का हिस्सा था। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटने का काम किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि ये सभी काम ‘नॉर्मल रूटीन’ के तहत किए जा रहे थे तो सरकार को बार-बार न्यायालय की लताड़ क्यों सुननी पड़ी और उसकी फजीहत क्यों हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्ता के दुरुपयोग के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और अधिकारियों को जिला पंचायत सदस्यों को प्रताड़ित करने के लिए लगाया गया।
उन्होंने कहा कि ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियम-कानून और संविधान को ताक पर रखकर काम करने वाले मुख्यमंत्री इसे ‘नॉर्मल रूटीन’ बता रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हार की हताशा में मुख्यमंत्री इस तरह की बातें कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री जिला परिषद और ब्लॉक समिति के सदस्यों की वैल्यू को ‘एक दिन’ का बताकर जनादेश और न्यायालय पर टिप्पणी कर चुके हैं, जिससे उनके लोकतंत्र और संविधान विरोधी विचार सामने आए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को कम से कम सच स्वीकार करना चाहिए। झूठ बोलकर या किसी उपलब्धि को छोटा बताकर अब प्रदेश के लोगों को बरगलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी के भीतर सभी गुट हावी हैं।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि पहले से निर्धारित कैबिनेट बैठक रद्द कर दी गई है और जन संवाद भी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई नेता दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं और कांग्रेस आलाकमान के यहां ‘पंचायत’ चल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि सरकार और प्रदेश में आखिर क्या चल रहा है तथा कांग्रेस का कौन सा गुट इस समय हावी है।
जयराम ठाकुर ने सरकार की नीतियों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने ‘सुख’ के नाम पर ‘शुल्क’ की सरकार चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के लोग आए दिन किसी न किसी ‘सुक्खू-शुल्क’ से दो-चार हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के अधिकांश आदेश और अधिसूचनाएं किसी सेवा को समाप्त करने, संस्थान बंद करने या शुल्क लगाने से संबंधित होती हैं।
उन्होंने कहा कि अब सरकार परिवार रजिस्टर की नकल के लिए भी शुल्क लगा रही है। इसके अलावा स्टाम्प सहित अन्य आवश्यक जन सुविधाओं की कीमतें बढ़ाने का प्रावधान किए जाने का भी उन्होंने आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह के फैसलों से प्रदेश के आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
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