तिब्बत और तिब्बती लोगों से जुड़े मुद्दों पर भी किया मंथन, जल्द आयोजित होगी इंटरनेशनल पीस कॉन्फ्रेंस
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से मैक्लोडगंज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ सदस्य इंद्रेश कुमार और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने मुलाकात की।
इस दौरान दोनों पक्षों के बीच शांति, सद्भावना, करुणा और मैत्री सहित तिब्बत से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान भारत की धार्मिक परंपरा और विश्व में शांति एवं आपसी सम्मान को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इंद्रेश कुमार ने बताया कि दलाई लामा के साथ यह मुलाकात पूरी तरह अनौपचारिक वातावरण में हुई। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान दलाई लामा ने भारत की उस परंपरा को दोहराया, जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है।
भारत में प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म और आस्था का पालन करने की स्वतंत्रता और सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि यही भावना भारत को विविधता में एकता और सद्भाव का संदेश देने वाली धरती बनाती है।
मुलाकात के दौरान तिब्बत और तिब्बती लोगों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। इंद्रेश कुमार ने बताया कि हिमालय परिवार और भारत-तिब्बत सहयोग मंच सहित विभिन्न संगठन तिब्बत और तिब्बती लोगों के लिए देशभर में प्रार्थनाएं और कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से तिब्बत से जुड़े विषयों के साथ-साथ शांति और सद्भावना का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया जाता है।
वहीं हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से दलाई लामा की इच्छा के अनुरूप जल्द ही इंटरनेशनल पीस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की जानकारी दी गई। इस पहल पर दलाई लामा ने प्रसन्नता व्यक्त की। बैठक में सिंधु कुंभ और तवांग तीर्थ यात्रा सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत धर्म और सद्भाव की धरती है, जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत आगे भी इसी भावना के साथ विश्व में शांति, संवाद और आपसी सम्मान का संदेश देता रहेगा। उन्होंने भारत की इस परंपरा को दुनिया के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
BRICS सम्मेलन पर भी बोले इंद्रेश कुमार
नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तथा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रस्तावित मुलाकातों को लेकर भी इंद्रेश कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विश्व ने स्वीकार कर लिया है कि भारत आज प्रमुख वैश्विक शक्तियों में शामिल है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि स्वदेशी और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना के साथ किए जा रहे प्रयासों से भारत की ताकत मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि BRICS के विभिन्न सम्मेलनों में भारत ने हमेशा टकराव के बजाय संवाद, भाईचारे और आपसी सम्मान की बात रखी है।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि रूस, चीन सहित दुनिया के सभी देशों के साथ भारत सम्मान और सद्भाव की भावना से संबंध आगे बढ़ाने में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि भारत की नीति संवाद और आपसी सम्मान की भावना के साथ आगे बढ़ने की है। इस दौरान उन्होंने देश की युवा शक्ति से ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान भी किया।
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