बागवान ने खरीदारों की कमी से कम दाम मिलने का लगाया आरोप, व्यापारी बोले- अच्छी गुणवत्ता वाले सेब को मिल रहा बेहतर भाव
सोलन फल एवं सब्जी मंडी में सेब के दामों और विपणन व्यवस्था को लेकर बागवान और व्यापारी आमने-सामने नजर आ रहे हैं। मंडी में सेब के भाव को लेकर जहां बागवानों की ओर से खरीदारों की कमी और अपेक्षित मूल्य नहीं मिलने की बात कही जा रही है, वहीं व्यापारियों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले सेब को मंडी में बेहतर दाम मिल रहे हैं।
कोटखाई के क्यारी गांव निवासी सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी एवं बागवान बालवीर चौहान ने सोलन मंडी में सेब के भाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि खरीदारों की कमी के कारण बागवानों को अपने सेब का अपेक्षित दाम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने एपीएमसी प्रशासन से सोलन मंडी का निरीक्षण करने और मंडी व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है।
बालवीर चौहान के अनुसार सोलन मंडी में रॉयल सेब करीब 2500 से 2600 रुपये प्रति बॉक्स के भाव में बिक रहा है, जबकि परवाणू की राणा मंडी में इसी सेब का भाव 2800 से 2900 रुपये प्रति बॉक्स तक पहुंच रहा है। उन्होंने मंडियों में सेब के भाव में अंतर को लेकर चिंता जताई है।
चौहान ने कहा कि बागवानों की लागत लगातार बढ़ रही है। दवाइयों पर मिलने वाली 50 प्रतिशत सब्सिडी बंद होने से भी बागवानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने बताया कि एक ड्रम स्प्रे पर करीब 800 रुपये खर्च हो रहे हैं।
इसके अलावा मजदूरी का खर्च भी बागवानों को उठाना पड़ता है। ऐसे में यदि सेब का उचित मूल्य नहीं मिलता है तो छोटे बागवानों के लिए अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने बागवानों को आधुनिक और तकनीकी तरीके से बागवानी करने की सलाह दी। चौहान ने रॉयल सेब के साथ ग्रैनी स्मिथ और रेड जैसी परागणकर्ता किस्मों को उचित अनुपात में लगाने तथा ग्रीन टिप अवस्था में समय पर स्प्रे करने पर जोर दिया।
वहीं दूसरी ओर चौपाल निवासी व्यापारी अभिनव शर्मा ने मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाले सेब को मिल रहे बेहतर दामों को बागवानों के लिए राहत बताया। उनका कहना है कि किन्नौर के टापरी क्षेत्र से आए उच्च गुणवत्ता वाले रॉयल सेब को सोलन मंडी में 3600 रुपये प्रति बॉक्स तक का भाव मिला है।
ऐसे में सोलन मंडी में सेब के भाव को लेकर बागवान और व्यापारी दोनों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक तरफ बागवान मंडी में खरीदारों की कमी और अपेक्षित भाव नहीं मिलने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी तरफ व्यापारी अच्छी गुणवत्ता वाले सेब को बेहतर दाम मिलने का दावा कर रहे हैं।
अब सवाल यह है कि मंडी में सेब के भाव में यह अंतर गुणवत्ता, मांग या विपणन व्यवस्था में से किस वजह से है। बागवानों ने एपीएमसी प्रशासन से मंडी व्यवस्था की जांच कर आवश्यक सुधार करने की मांग की है।
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