पिछले साल इसी अवधि तक 27.50 लाख पेटियां पहुंची थीं, इस बार मौसम की मार से उत्पादन प्रभावित; गोल्डन और किन्नौरी सेब को मिल रहे बेहतर दाम
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने इस वर्ष सेब उत्पादन को बड़ा झटका दिया है। इसका असर सोलन जिले की प्रमुख सेब मंडियों में भी साफ दिखाई दे रहा है। सोलन मंडी और उपमंडी परवाणू में अब तक करीब 9.66 लाख पेटियों की आवक दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक दोनों मंडियों में करीब 27.50 लाख पेटियां पहुंच चुकी थीं।
मंडी के आंकड़ों के अनुसार, अब तक सोलन मंडी में करीब 6.62 लाख पेटियां और परवाणू उपमंडी में करीब 3.03 लाख पेटियां पहुंची हैं। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सेब की आवक में भारी कमी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में दोनों मंडियों में अब तक पिछले वर्ष की तुलना में करीब 33 प्रतिशत के आसपास ही आवक हुई है।
कम उत्पादन के बीच कीमतों ने किसानों को दी राहत
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इस वर्ष सेब उत्पादन प्रभावित हुआ है, लेकिन बाजार भाव के लिहाज से किसानों को कुछ राहत मिली है। मंडियों में सेब के दाम काफी हद तक स्थिर रहे और अच्छी गुणवत्ता वाली उपज को किसानों को अपेक्षाकृत बेहतर कीमत मिली।
गोल्डन सेब के भाव में इस बार खास अंतर देखने को मिला है। पिछले वर्ष सितंबर के मध्य तक गोल्डन सेब के दाम करीब 400 से 500 रुपये तक पहुंच जाते थे, जबकि इस बार यही सेब करीब 1,200 से 1,400 रुपये तक बिकता रहा। हालांकि पिछले तीन-चार दिनों में कश्मीर से सेब की आवक बढ़ने के कारण बाजार भाव में कुछ गिरावट दर्ज की गई है।
किन्नौरी सेब के दाम भी मजबूत
किन्नौरी सेब को भी इस सीजन में बाजार में अच्छी कीमत मिल रही है। वर्तमान में किन्नौरी सेब करीब 1,200 से 1,400 रुपये तक बिक रहा है। बाहरी राज्यों से सेब की आवक बढ़ने के बावजूद अच्छी गुणवत्ता वाले किन्नौरी सेब की मांग और कीमत बनी हुई है।
पिछले साल 27.50 लाख पेटियां, इस बार 9.66 लाख
सोलन और परवाणू मंडी के आंकड़े इस सीजन में सेब की कम आवक की स्थिति को स्पष्ट करते हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि तक दोनों मंडियों में करीब 27.50 लाख पेटियां पहुंच चुकी थीं, जबकि इस बार यह आंकड़ा अभी करीब 9.66 लाख पेटियों तक ही पहुंचा है।
मौसम की मार के कारण इस बार सेब उत्पादन कम रहा है। हालांकि कम उत्पादन के बावजूद जिन किसानों की फसल की गुणवत्ता अच्छी रही, उन्हें मंडियों में अपेक्षाकृत बेहतर दाम मिलने से कुछ राहत मिली है।
आने वाले दिनों में कश्मीर और अन्य क्षेत्रों से सेब की आवक बढ़ने के साथ मंडी भाव में और बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों और आढ़तियों की नजर अब आगामी दिनों में होने वाली सेब की आवक और बाजार भाव पर बनी हुई है।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube