राजगढ़ में संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक और पत्रकार वार्ता, डीए/डीआर की शेष 10 प्रतिशत किस्त और छठे वेतन आयोग के एरियर का भुगतान करने की मांग; 17 सूत्रीय मांगपत्र पर वार्ता के लिए सरकार से समिति को बुलाने की अपील
हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों की लंबित वित्तीय देनदारियों को लेकर विरोध तेज होने लगा है। हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति ने महंगाई भत्ते (डीए), महंगाई राहत (डीआर) की शेष 10 प्रतिशत किस्त और छठे वेतन आयोग के एरियर का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई है।
राजगढ़ में आयोजित समिति की बैठक और पत्रकार वार्ता में प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने पेंशनरों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो जन-जागरण अभियान तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का विस्तार किया जाएगा।
भूपराम वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार पिछले साढ़े तीन वर्षों से पेंशनरों की वित्तीय देनदारियों का चरणबद्ध तरीके से भुगतान करने का आश्वासन दे रही है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगें अभी भी लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि पांच प्रतिशत किस्त जारी होने के बावजूद डीए/डीआर की शेष राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग के एरियर सहित अन्य वित्तीय लाभों के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पेंशनरों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की अपील की।
समिति के अनुसार, गत 18 सितंबर को बिलासपुर में प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में 18 विभिन्न संगठनों की राज्यस्तरीय बैठक हुई थी। इसमें पेंशनरों की समस्याओं को लेकर प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था।
समिति ने सरकार को 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है, लेकिन अभी तक संयुक्त संघर्ष समिति को वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। भूपराम वर्मा ने मांग की कि प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में 18 संगठनों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया जाए, ताकि लंबित मामलों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
पत्रकार वार्ता में पेंशन कम्यूटेशन का मुद्दा भी उठाया गया। भूपराम वर्मा ने वित्त विभाग की ओर से 14 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में पेंशनरों के बीच असंतोष है। उन्होंने कुछ स्वीकृत मामलों के भुगतान में समस्याएं आने का आरोप लगाते हुए सरकार से स्पष्ट नीति बनाने और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की।
बैठक में समिति के संगठनात्मक विस्तार और जन-जागरण अभियान को गांवों तथा पंचायत स्तर तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। समिति सदस्यता अभियान को गति देने, स्थानीय स्तर पर छोटी समितियां गठित करने और अधिक से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संगठन से जोड़ने की दिशा में काम करेगी।
जिला सिरमौर संयोजक ओएल चौहान ने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न खंडों में बैठकें आयोजित कर पेंशनरों की समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाया जाएगा। समिति ने स्पष्ट किया कि लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक उसका अभियान जारी रहेगा।
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