राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने दिए कमियां शीघ्र दूर करने के निर्देश, प्रदेशभर के केंद्रों की भी होगी जांच
राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने शनिवार को जिला बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल के अंतर्गत भगेड़ स्थित नशा निवारण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेट सीआईडी इंचार्ज कपिल और उनकी टीम के साथ केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
रिकॉर्ड, साफ-सफाई और मरीजों की सुविधाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान केंद्र में रखी विभिन्न फाइलों, रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। इसके साथ ही उपचाराधीन मरीजों को मिल रही सुविधाओं, साफ-सफाई, खानपान, बाथरूम और उनके रहने के स्थान का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में केंद्र की व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संतोषजनक पाई गईं, जबकि कुछ कमियां भी सामने आईं। नरेश ठाकुर ने संबंधित प्रबंधन को इन कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए, ताकि उपचाराधीन मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
प्रदेशभर के नशा निवारण केंद्रों का होगा औचक निरीक्षण
नरेश ठाकुर ने बताया कि राज्य नशा निवारण बोर्ड की ओर से पूरे हिमाचल प्रदेश में विभिन्न नशा निवारण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई, खानपान, मरीजों के रहने की व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। साथ ही निर्धारित मापदंडों के अनुपालन का भी आकलन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रों में मरीजों के प्रवेश और आवेदन की प्रक्रिया सहित अन्य आवश्यक पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार लाना और उपचाराधीन मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
स्कूलों, पंचायतों और कॉलेजों में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान
नरेश ठाकुर ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए उपचार के साथ जनजागरूकता भी बेहद आवश्यक है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार प्रदेशभर के स्कूलों, पंचायतों और कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
इन शिविरों के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उपचार के साथ पुनर्वास पर भी जोर
नरेश ठाकुर ने कहा कि नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को उचित उपचार और परामर्श उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए नशा निवारण केंद्रों में मरीजों की उचित देखभाल, बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में किए जाने वाले औचक निरीक्षणों के माध्यम से केंद्रों की व्यवस्थाओं का आकलन कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और पुनर्वास सुविधाएं मिल सकें।
नरेश ठाकुर ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकारी प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है। जनजागरूकता, बेहतर उपचार और प्रभावी पुनर्वास के माध्यम से नशे की समस्या पर अंकुश लगाने और नशामुक्त हिमाचल प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।
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