करीब 19.2 फीसदी गिरा नामांकन, 826 स्कूलों का हुआ विलय; 500 खाली भवन आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायतों को सौंपे
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। बीते पांच साल में पहली से बारहवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में करीब 1.60 लाख विद्यार्थी कम हो गए हैं।
शैक्षणिक सत्र 2021-22 में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की कुल संख्या 8,31,310 थी, जो घटकर 6,71,542 रह गई है। इस अवधि में कुल 1,59,768 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है। यू-डाइस रिपोर्ट के अनुसार, पांच साल में विद्यार्थियों की संख्या में करीब 19.2 फीसदी गिरावट आई है। औसतन हर साल करीब 32 हजार विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से कम हुए हैं।
लगातार घटते नामांकन का असर अब स्कूलों के अस्तित्व पर भी पड़ रहा है। कम विद्यार्थियों के कारण सरकार को चार साल में करीब 800 प्राइमरी और मिडल स्कूल बंद करने पड़े हैं।
वहीं, दस से कम विद्यार्थियों वाले 826 स्कूलों का नजदीकी शिक्षण संस्थानों में विलय किया गया है। हालांकि, शिक्षा विभाग इन आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाल रहा है कि सभी विद्यार्थी निजी स्कूलों में चले गए हैं। विभाग के अनुसार, कम होती जन्म दर भी सरकारी स्कूलों में नामांकन घटने का एक कारण है।
आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायतों को सौंपे 500 भवन
स्कूलों के बंद होने और विलय के बाद खाली हुए भवनों का दूसरे सार्वजनिक कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने बंद और मर्ज हुए करीब 500 स्कूल भवन आंगनबाड़ी केंद्रों और स्थानीय ग्राम पंचायतों को सौंप दिए हैं। इससे इन भवनों का सामुदायिक जरूरतों के लिए उपयोग किया जा सकेगा और खाली पड़े भवनों का बेहतर इस्तेमाल हो पाएगा।
60 फीसदी प्राइमरी स्कूलों में 20 से कम बच्चे
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के करीब 60 फीसदी प्राइमरी और 65 फीसदी मिडल स्कूलों में 20 से कम विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि कम नामांकन की समस्या बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षण संस्थानों में बनी हुई है।
विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते स्कूलों के संचालन और उपलब्ध संसाधनों के उपयोग को लेकर भी चुनौतियां सामने आ रही हैं।
सरकारी स्कूलों में पांच साल में विद्यार्थियों की संख्या
शैक्षणिक सत्र
विद्यार्थियों की संख्या
2021-22
8,31,310
2022-23
8,09,000
2023-24
7,57,774
2024-25
7,05,342
2025-26
6,71,542
सरकारी सीबीएसई स्कूलों में बढ़े 24 हजार दाखिले
सरकारी सीबीएसई स्कूल स्थापित करने की पहल के बीच चालू शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों को छोड़कर करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है। प्रदेश के 155 सरकारी स्कूलों में हुए इन दाखिलों को सरकार ने सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम उपलब्धि बताया है।
नामांकन बढ़ाने के लिए हो रहे सामूहिक प्रयास : रोहित ठाकुर
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के अनुसार, प्रदेश सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाना और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। कम नामांकन वाले स्कूलों के मामलों में उपलब्ध संसाधनों का उचित इस्तेमाल सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले और सरकारी स्कूलों में अभिभावकों का विश्वास मजबूत हो। इसके लिए शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को मिलकर काम करना होगा।
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