भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पर्यावरण प्रदूषण और पेड़ों की कटाई जैसे मुद्दों पर रखे विचार, सह प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने स्वच्छ पर्यावरण का महत्व बताया
पीएम श्री बीटीसी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नूरपुर में पर्यावरण दिवस उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के सह प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण के महत्व, प्रकृति के संरक्षण और प्रदूषण से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रखे विचार
कार्यक्रम के तहत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने बताया कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मानव जीवन के साथ-साथ सभी जीव-जंतुओं के अस्तित्व के लिए भी आवश्यक है।
इस दौरान पर्यावरण प्रदूषण, पेड़ों की कटाई, प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल और प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग जैसी समस्याओं पर भी प्रकाश डाला गया।
विद्यार्थियों ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने, पेड़ों की रक्षा करने, पानी का सदुपयोग करने और प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने जैसे उपायों को दैनिक जीवन में अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होना जरूरी: विनोद कुमार
विद्यालय के सह प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण बेहद आवश्यक है। वायु, जल और भूमि को प्रदूषण से बचाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन तक सीमित न रखने, बल्कि इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण, पेड़ों को कटने से बचाना, पानी और बिजली की बचत करना तथा घर और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
अध्यापिका शेलजा ने भी किया प्रेरित
विद्यालय की अध्यापिका शेलजा ने पर्यावरण सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना समय की आवश्यकता है। बच्चे अपने परिवार और समाज में भी स्वच्छता तथा प्रकृति संरक्षण का संदेश पहुंचा सकते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि पर्यावरण की रक्षा करना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। प्रकृति का संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
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