धर्मशाला में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की, हिमाचल की अनदेखी का भी लगाया आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत सांसद हरीश चंद्र मीणा ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। धर्मशाला में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने मतदाता सूचियों से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
13 करोड़ वोट काटे जाने का दावा
हरीश चंद्र मीणा ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ वोट काटे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों, जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव किया गया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को समान मतदान का अधिकार प्राप्त है और इस अधिकार को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई। मीणा ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।
चुनावी प्रक्रिया और केंद्र सरकार पर निशाना
मीणा ने चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव और वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में मतगणना के दौरान बिजली कटौती से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है।
केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने, प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने और प्रत्येक खाते में 15 लाख रुपये देने जैसे वादों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन वादों को पूरा करने में विफल रही है और जनता का ध्यान मूल मुद्दों से हटाने के लिए धर्म एवं जाति से जुड़ी राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
हिमाचल की अनदेखी का आरोप
हिमाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर मीणा ने केंद्र सरकार पर राज्य की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए अपेक्षित काम नहीं हुआ है।
कालका-शिमला रेललाइन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य को बड़े स्तर की नई परियोजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने केंद्रीय विद्यालयों के नाम बदलने को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जेल में बंद होने के बावजूद उसका नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा है। उन्होंने इस मामले में संबंधित एजेंसियों की भूमिका और कार्रवाई पर भी सवाल किए।
अंत में मीणा ने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का उद्देश्य लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने जनता से अपने मताधिकार की ताकत पहचानने और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के वोट का समान महत्व है और जनता का यही अधिकार सरकारों का भविष्य तय करता है।
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