हमीरपुर सदर के विधायक ने राहुल गांधी और खरगे की बयानबाजी पर उठाए सवाल, कहा—माता-पिता और परिवार को राजनीति में घसीटना मर्यादा के खिलाफ
हमीरपुर सदर के भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के प्रति कथित टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद और नीतियों की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी के माता-पिता और परिवार को निशाना बनाना भारतीय संस्कृति, सामाजिक मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। आशीष शर्मा ने खरगे से कथित टिप्पणी के लिए देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
राहुल गांधी और खरगे की बयानबाजी पर उठाए सवाल
विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ वरिष्ठ नेता भी हैं। ऐसे में उनसे सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने राहुल गांधी और खरगे की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक विरोध करते-करते व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों तक पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता और उनकी माता को लेकर टिप्पणियां करना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन परिवार को अपमानित करना उचित नहीं है।
कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर भी साधा निशाना
आशीष शर्मा ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी लगातार चुनावी हार का सामना कर रही है और उसका नेतृत्व इसे स्वीकार नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस देश में 95 से अधिक चुनाव हार चुकी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष और मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस अध्यक्ष हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक संवाद में गरिमा बनाए रखें।
भाजपा विधायक ने कहा कि देश की जनता इस तरह की बयानबाजी पसंद नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियों से उनके प्रति लोगों का स्नेह और बढ़ता है। आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए भी उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा और पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष किया।
सार्वजनिक माफी की मांग
आशीष शर्मा ने दोहराया कि राजनीति में विचारधारा, नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी के दिवंगत माता-पिता के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस प्रकार की टिप्पणियों की निंदा करती है और मल्लिकार्जुन खरगे से अपने कथित वक्तव्य पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करती है।
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