धर्मशाला के सिंथेटिक ट्रैक में 67वीं राज्य स्तरीय अंडर-19 लड़के एवं लड़कियों की एथलेटिक्स मीट का शुभारंभ उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने किया। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 12 जिलों तथा बिलासपुर, चौपाल और खेलो इंडिया केंद्र के कुल 429 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
इनमें 225 लड़के और 204 लड़कियां शामिल हैं। इस अवसर पर पठानिया ने खिलाड़ियों के मार्च पास्ट की सलामी ली और हिमाचली, नेपाली तथा तिब्बती संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
खेल सुविधाओं के विकास पर जोर
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक सुविधाओं के विकास और उनके रखरखाव पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने बताया कि नादौन में लगभग 9,735 वर्ग मीटर क्षेत्र में 112.49 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इंडोर मल्टीपरपज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें शूटिंग रेंज, स्विमिंग पूल, जिम, बहुउद्देशीय खेल हॉल, चार बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट और टेनिस कोर्ट सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा कोच आवास, डॉरमेट्री, कार्यालय, कैफेटेरिया और वेटिंग लाउंज की व्यवस्था भी की जाएगी।
पठानिया ने बताया कि रामपुर बुशहर के दत्तनगर में 9.45 करोड़ रुपये की लागत से खेल छात्रावास बनाया जा रहा है, जिसमें 50 खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। वहीं, जिला सिरमौर के माजरा में 7.29 करोड़ रुपये की लागत से हॉकी एस्ट्रोटर्फ का निर्माण किया गया है।
पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के समर्पण, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि तीन करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं की दो करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ रुपये और कांस्य
पदक विजेताओं की एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है।
इसी प्रकार, एशियाई खेलों और पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि 50 लाख से बढ़ाकर चार करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं की 30 लाख से बढ़ाकर 2.50 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं की 20 लाख से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब तक पैरालंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करने अथवा भाग लेने वाले राज्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को लगभग 30 करोड़ रुपये प्रदान कर चुकी है।
फुटबॉल खिलाड़ी छात्राओं और कोच को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्य सचेतक ने राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल टीम के लिए चयनित घरोह स्कूल की पांच छात्राओं और एशियाई खेलों में रजत पदक विजेता सावन भरवाल के प्रारंभिक कोच गोपाल ठाकुर को सम्मानित किया।
इससे पहले उपनिदेशक शिक्षा अजय समयाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया, जबकि एडीपीओ अतुल कटोच ने प्रतियोगिता की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रिंसिपल अश्वनी भट्ट, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉ. जन्मेजय गुलेरिया, कैलाश शर्मा, जिला विद्यार्थी खेल संघ के पदाधिकारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रशिक्षक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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