छह मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक उपकरण लगाने का दावा, टांडा मेडिकल कॉलेज में एक बेड पर एक मरीज रखने की व्यवस्था पर होगा काम
शाहपुर के विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि 11 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बनने के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए हैं।
रविवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में एक हजार करोड़ रुपये के अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए गए हैं। इनमें रोबोटिक सर्जरी और एमआरआई सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।
छह मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं
पठानिया के अनुसार, आईजीएमसी शिमला, टांडा, नेरचौक, हमीरपुर, चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों सहित स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की उपलब्धता 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक पहुंचाई गई है।
रेडियोग्राफर की सीटें भी 20 से बढ़ाकर 50 की गई हैं। वहीं, आईजीएमसी शिमला में स्नातकोत्तर सीटों की संख्या 277 से बढ़ाकर 497 की गई है। उन्होंने नर्सिंग और अन्य तकनीकी स्वास्थ्य पदों पर भर्तियों का भी उल्लेख किया।
टांडा मेडिकल कॉलेज में एक बेड पर एक मरीज रखने की योजना
विधायक ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में एक बेड पर एक ही मरीज रखने की व्यवस्था पर काम किया जाएगा। इसके अलावा मदर एंड चाइल्ड अस्पताल और नूरपुर की स्वास्थ्य परियोजनाओं पर भी जल्द काम होने की बात कही। उन्होंने बताया कि जायका के माध्यम से तीन हजार करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पठानिया ने विपक्ष पर स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए कार्यों का श्रेय केंद्र सरकार को देने का आरोप भी लगाया।
कांगड़ा में पर्यटन और हवाई संपर्क से जुड़ी योजनाएं
पठानिया ने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए 2,632 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गगल हवाई अड्डे के विस्तारीकरण और धर्मशाला से चंडीगढ़ के लिए हेली टैक्सी सेवा शुरू करने की योजना का भी उन्होंने जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि कांगड़ा के बनखंडी में सफारी जू के पहले चरण का उद्घाटन जल्द किया जाएगा। नड्डी स्थित डल झील के जीर्णोद्धार पर एक करोड़ 30 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।
आरडीजी और पेंशन फंड को लेकर केंद्र पर निशाना
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पठानिया ने कहा कि प्रदेश के आरडीजी और पेंशन फंड के करीब 16 हजार करोड़ रुपये बंद किए जाने से हिमाचल को नुकसान हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से जेएसडब्ल्यू, वाइल्ड फ्लावर हॉल और किशाऊ बांध परियोजना सहित प्रदेश के हितों से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार ने अपना साथी खोया है। मुख्यमंत्री तकनीकी कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए, लेकिन वह उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। पठानिया ने यह भी बताया कि जिला कांगड़ा में विधानसभा का ऐतिहासिक रूप से बड़ा सत्र आयोजित होने जा रहा है और इस बार नवंबर में ही विधानसभा सत्र करवाया जाएगा।
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