कांग्रेस का दावा—दिल्ली में जुटेंगे 10 लाख लोग; मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, SIR स्थगित करने और 2029 का चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग
राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने शिमला में प्रेसवार्ता कर 1 नवंबर को कथित वोट चोरी के मुद्दे पर इंडी गठबंधन की ओर से दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लोगों से भी आंदोलन में सहयोग करने की अपील की। अलका लांबा ने दावा किया कि प्रदर्शन में 10 लाख लोग शामिल होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का लोकतंत्र खतरे में है और सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपना आंदोलन खत्म नहीं करेगा।
वोट कटने के आरोप, अमित शाह से इस्तीफे की मांग
अलका लांबा ने आरोप लगाया कि दलित और गरीब लोगों के वोट काटे गए हैं। उन्होंने दावा किया कि 13 करोड़ लोगों को घुसपैठिया बताकर उनके वोट काटे गए और सवाल उठाया कि यदि घुसपैठिये देश में आए हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग भी की।
अलका लांबा ने आंदोलन को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें जेल भेजने, SIR प्रक्रिया स्थगित करने तथा 2029 का चुनाव बैलेट पेपर से करवाने की मांग की।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ बताते हुए एपस्टीन फाइल के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया। साथ ही दावा किया कि सरकार 1 नवंबर के आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अपना दफ्तर छोड़कर कमिश्नर के दफ्तर जा रहे हैं, जबकि मणिपुर की परेशानी सरकार को नजर नहीं आती।
खरगे के बयान पर अलका लांबा का समर्थन
प्रेसवार्ता के दौरान अलका लांबा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर भी भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘विक्टिम कार्ड’ खेलना बंद करने की नसीहत दी। अलका लांबा ने कहा कि खरगे राजनीति में सबसे उम्रदराज नेताओं में से एक हैं और उनकी बात को समझना चाहिए।
अलका लांबा ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता भी महिलाओं और परिवारों को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करते रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कथित बयान ‘नानी याद दिला देंगे’ का जिक्र किया और कहा कि राजनीतिक लड़ाई में ‘बाप भी आ जाए’ जैसी बात भी कही जाती है।
उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे के साथ कथित अपमान का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि कार्यक्रम के बाद आरएसएस और भाजपा के लोगों ने शुद्धीकरण किया था।
प्रधानमंत्री पर भी साधा निशाना
अलका लांबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद को फकीर कहते हैं, इसलिए अपना झोला तैयार रखें और उनका समय अब पूरा हो गया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी प्रधानमंत्री के माता-पिता की पृष्ठभूमि को मुद्दा नहीं बनाया। साथ ही आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपनी मां के नाम पर भावनात्मक अपील कर वोट मांगे और हासिल किए।
प्रेसवार्ता में अलका लांबा ने वोट चोरी के आरोपों, चुनाव प्रक्रिया और खरगे के बयान को लेकर कांग्रेस का पक्ष रखा। उनके द्वारा लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube