कांग्रेस के देशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत हमीरपुर के सर्किट हाउस में लोकसभा सांसद एवं ऑब्जर्वर हरीश चंद्र मीणा ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में देश के लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन किया जा रहा है।
13 करोड़ लोगों को वोट के अधिकार से वंचित करने का आरोप
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हरीश चंद्र मीणा ने आरोप लगाया कि देश में लगभग 13 करोड़ वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं या उन्हें मतदान प्रक्रिया से दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि सोची-समझी रणनीति के तहत देश के एक बड़े वर्ग को उसके संवैधानिक और बुनियादी वोट के अधिकार से वंचित किया गया है।
मीणा ने कहा कि देश का लोकतंत्र बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग जैसी स्वायत्त संस्थाओं की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ये संस्थाएं केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार से मांगा जवाब
हरीश चंद्र मीणा ने कहा कि लोगों की मांग और विरोध प्रदर्शनों के चलते उपराष्ट्रपति धनखड़ को हटाया गया और उसके बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मामला सामने आया। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से क्या परेशानी है।
उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि ज्ञानेश कुमार को पद से क्यों नहीं हटाया जा रहा और इसके पीछे क्या मजबूरी है।
राम के नाम पर राजनीति करने का लगाया आरोप
पत्रकार वार्ता के दौरान मीणा ने भारतीय जनता पार्टी पर भगवान राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर सत्ता हासिल की और मंदिरों से जुड़े मामलों में भी घोटालों के आरोप लगाए।
उन्होंने भाजपा नेताओं की राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाते हुए महात्मा गांधी का उदाहरण दिया और कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे को राष्ट्रभक्त कैसे माना जा सकता है।
हरीश चंद्र मीणा ने केंद्र सरकार की नीतियों और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के ‘लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत अपनी बात रखी।
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