आश्रम के लेन-देन और प्रबंधन पर सवाल उठाने वालों को रिकॉर्ड व रसीदें देखने का दिया न्योता, श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम के प्रबंधन, कार्यप्रणाली और ट्रस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी हेमानंद महाराज मंगलवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने आश्रम पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए आरोप लगाने वालों से साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा।
स्वामी हेमानंद महाराज ने कहा कि आश्रम की व्यवस्थाएं उनके मार्गदर्शन में संचालित होती हैं और धार्मिक गतिविधियां सनातन परंपराओं के अनुरूप की जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आश्रम के लेन-देन या प्रबंधन को लेकर किसी को शंका है, तो वह आश्रम कार्यालय में आकर संबंधित रिकॉर्ड और रसीदों की जांच कर सकता है।
आश्रम के प्रबंधन और व्यवस्थाओं पर रखा पक्ष
मीडिया से बातचीत में स्वामी हेमानंद महाराज ने कहा कि पूज्य गुरु महाराज ने उन्हें आश्रम का अधिष्ठाता और गद्दीनशीन बनाया है। ट्रस्टियों, सेवकों और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाएं उनके मार्गदर्शन में संचालित होती हैं।
उन्होंने कहा कि आश्रम के लेन-देन को लेकर किसी को कोई संदेह है, तो वह कार्यालय में आकर रिकॉर्ड और रसीदें देख सकता है। उन्होंने आश्रम की छवि खराब करने के प्रयासों पर नाराजगी जताई।
कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी
स्वामी हेमानंद महाराज ने अदालती मामलों और आश्रम के सरकारी अधिग्रहण से जुड़ी कोशिशों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग आश्रम की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, आश्रम करोड़ों सनातन धर्म प्रेमियों और श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
उन्होंने कहा कि आश्रम की मर्यादा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के प्रयास बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यदि कोई जानबूझकर भ्रामक आरोप लगाकर आश्रम को बदनाम करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस में प्राथमिकी भी दर्ज करवाई जाएगी।
श्रद्धालुओं से अफवाहों से दूर रहने की अपील
स्वामी हेमानंद महाराज ने कहा कि संत परंपरा के अनुसार वह सभी के लिए सद्बुद्धि की कामना करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें और तथ्यों की पुष्टि करने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।
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