ऐतिहासिक चौगान मैदान में हुआ शस्त्र पूजन, बाजारों में मार्च के दौरान लोगों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत; सहभोज का भी हुआ आयोजन
विजयदशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से चंबा के ऐतिहासिक चौगान मैदान में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने विधिवत शस्त्र पूजा कर परंपरा का निर्वहन किया। कार्यक्रम में शामिल स्वयंसेवकों ने राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का संकल्प लिया।
शहर के बाजारों में निकाला मार्च
शस्त्र पूजन कार्यक्रम से पहले आरएसएस के स्वयंसेवकों ने चंबा शहर के विभिन्न बाजारों में मार्च निकाला। इसमें बाल स्वयंसेवकों से लेकर वरिष्ठ स्वयंसेवकों तक ने भाग लिया। मार्च के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता का परिचय दिया।
शस्त्र पूजन के महत्व पर डाला प्रकाश
चौगान मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विजयदशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा और उसके महत्व पर प्रकाश डाला गया। भारतीय संस्कृति में विजयदशमी को शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा के प्रतीक पर्व के रूप में मनाया जाता है।
शस्त्र पूजन के माध्यम से शक्ति के सदुपयोग, कर्तव्यबोध और समाज के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने अपने विचार भी साझा किए।
इसके बाद सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें सभी स्वयंसेवकों ने एक साथ भोजन किया।
संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में विजयदशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन और पथ संचलन की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। संघ की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में विजयदशमी के दिन नागपुर में की थी। इस वर्ष संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष मना रहा है।
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