भाजपा विधायक ने लगाया दूसरे राज्यों को महंगे दामों पर बिजली बेचने का आरोप, कहा- बिजली कटों से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित, पानी के बढ़े बिल वापस ले सरकार
हिमाचल प्रदेश में अघोषित बिजली कटों को लेकर सियासत तेज हो गई है। बिलासपुर सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने बिजली आपूर्ति की स्थिति पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि हिमाचल बिजली सरप्लस राज्य होने के बावजूद प्रदेशवासियों को नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों को सुचारू बिजली उपलब्ध करवाने के बजाय दूसरे राज्यों को ऊंचे दामों पर बिजली बेच रही है। बार-बार बिजली कट लगने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के चार साल के कार्यकाल में व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन होने के बावजूद बिलासपुर सहित कई जिलों में सुबह से रात तक बार-बार बिजली गुल हो रही है।
विधायक के अनुसार, प्रदेश सरकार ने विद्युत बोर्ड को दो बड़े प्रोजेक्टों से बिजली लेने से मना कर दिया है और उसे ओपन मार्केट में बिजली बेचने को कहा गया है। उनका आरोप है कि इस बिजली को पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों में बेचा जा रहा है, ताकि सरकार को अधिक कीमत मिल सके। उन्होंने इसे प्रदेश में बिजली संकट का एक कारण बताया।
भाजपा विधायक ने कहा कि बार-बार बिजली कट लगने से स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों, कर्मचारियों, कारोबारियों और गृहिणियों सहित हर वर्ग प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय जब लोगों को अपने जरूरी काम निपटाने होते हैं, उसी दौरान बिजली गुल होने से दिनचर्या प्रभावित होती है।
उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर एक-दो दिन बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो पाती है। त्योहारी सीजन और विवाह-शादियों के बीच बिजली संकट लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने के बावजूद नियमित बिजली आपूर्ति नहीं मिलने पर भी सवाल उठाए।
त्रिलोक जमवाल ने पेयजल व्यवस्था और पानी के बिलों में बढ़ोतरी को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले साल पानी के बिल 100 रुपये से बढ़ाकर 441 रुपये कर दिए गए थे।
विरोध के बाद सरकार ने बढ़ी हुई दरें लागू नहीं करने की बात कही थी, लेकिन अब दोबारा बढ़ी हुई दरों की वसूली शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि अधिक बिल चुकाने के बावजूद लोगों को घरों में पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा और उन्हें निजी टैंकरों से पानी मंगवाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
विधायक ने कहा कि सरकार चुनावी गारंटियां पूरी करने में भी नाकाम रही है और अब बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से बिजली और पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पानी के बिलों में की गई वृद्धि का फैसला वापस लेने की मांग की।
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