बोले- रोजगार का इंतजार कर रहे युवाओं को नौकरी के बजाय लॉटरी और भांग की खेती का दिया जा रहा तोहफा
सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल ने प्रदेश सरकार के लॉटरी को बढ़ावा देने और भांग की खेती को कानूनी मान्यता देने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने इन फैसलों को प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हिमाचल के युवा लंबे समय से रोजगार और सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोजगार के अवसर देने के बजाय लॉटरी और भांग की खेती का तोहफा दे रही है।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और लंबे समय से सरकारी भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं। युवाओं को उम्मीद थी कि सरकार रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ लंबित भर्तियों को जल्द पूरा करेगी, लेकिन सरकार की प्राथमिकताएं कुछ और ही नजर आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि युवा अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकें।
भाजपा विधायक ने लॉटरी को बढ़ावा देने के फैसले पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लॉटरी को बढ़ावा देने से प्रदेश के युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। इसी तरह भांग की खेती को कानूनी मान्यता देने के फैसले पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली सरकार को ऐसे फैसलों से बचना चाहिए, जिनसे नशे को बढ़ावा मिलने की आशंका हो।
त्रिलोक जमवाल ने प्रदेश सरकार से मांग की कि युवाओं को भ्रमित करने के बजाय रोजगार, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को जल्द भरने और युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को लंबे समय तक भर्तियों का इंतजार न करना पड़े, इसके लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
भाजपा विधायक ने कहा कि हिमाचल की पहचान देवभूमि के रूप में है और प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे से बचाना सरकार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे निर्णय लेने चाहिए, जिनसे युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो और हिमाचल विकास की दिशा में आगे बढ़े।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube