संस्कार संस्था के कार्यक्रम में बोले डॉ. केआर धीमान- वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर, उनके अनुभव युवा पीढ़ी को दे सकते हैं सही दिशा
संस्कार संस्था की ओर से वरिष्ठजनों के लिए ‘वरिष्ठ जन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नौणी विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति डॉ. केआर धीमान ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान संस्था की ओर से 80 वर्ष से अधिक आयु के 250 वरिष्ठजनों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठजनों के जीवन अनुभवों, संघर्षों और सीख को युवा पीढ़ी तथा समाज के साथ साझा करना रहा। इस अवसर पर डॉ. केआर धीमान ने कहा कि वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन के अनुभव और संघर्ष युवा पीढ़ी को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए विभिन्न पीढ़ियों के बीच संवाद और आपसी सहयोग बेहद जरूरी है। ‘संस्कार’ शब्द का अर्थ शुद्धीकरण, परिष्कार, अच्छे नैतिक मूल्य और अच्छे गुणों से है। ऐसे में सामाजिक हित, सांस्कृतिक संरक्षण और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए संस्था की ओर से किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं।
डॉ. धीमान ने कहा कि समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल स्वयं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को जनहित के कार्यों में भी अपना योगदान देना चाहिए।
वरिष्ठजनों के अनुभव से युवाओं को मिलेगी सही दिशा
संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि वरिष्ठजनों को युवाओं के साथ संवाद करना चाहिए और अपने जीवन के अनुभव साझा करने चाहिए। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और परिवारों को इस सामाजिक समस्या के खिलाफ मिलकर लड़ने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही घर और गांव को चिट्टामुक्त बनाया जा सकता है। इसके लिए परिवार, युवा, वरिष्ठजन और समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। वरिष्ठजनों का अनुभव और मार्गदर्शन नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मजबूत आधार प्रदान कर सकता है।
बुजुर्गों के पास अनुभव और संस्कारों की अमूल्य पूंजी
महेंद्र धर्माणी ने कहा कि बुजुर्गों के पास हुनर, परिश्रम, अनुभव, संस्कृति और संस्कारों की अमूल्य पूंजी है। इस पूंजी को बच्चों और युवा पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है, ताकि युवा नशे से दूर रहकर बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।
बुजुर्गों का अभिनंदन करते हुए उन्होंने कहा कि जब सामाजिक कार्यों में वरिष्ठजनों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलता है तो कार्यों को आगे बढ़ाने का हौसला मिलता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लेकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।
अक्टूबर 2023 से चल रहा ‘घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा’ अभियान
महेंद्र धर्माणी ने बताया कि संस्कार संस्था अक्टूबर 2023 से ‘घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा’ अभियान चला रही है। इस अभियान के माध्यम से संस्था लगातार युवाओं, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि चिट्टे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता, सामूहिक प्रयास और परिवारों के सहयोग से ही घर, गांव और पूरे समाज को चिट्टामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने सभी वर्गों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और चिट्टामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में केएस वर्मा, संस्था के पूर्व अध्यक्ष अमृत लाल कतना, नगर परिषद अध्यक्ष अमित कुमार, नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष मीरा, प्रकाश चंद चौहान, सुनील चंदेल, मंशा राम, पूर्व भाजपा मंडलाध्यक्ष लक्षरी राम, कप्तान राम सिंह, कृष्ण सिंह ठाकुर, अमर नाथ जारोड़ा, किशोरी लाल शर्मा, विनय कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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