पांच से छह महीनों से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने का दावा, 8 से 9 दिन के अंतराल पर मिल रहा पानी; सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग पर मेयर ने 5 से 6 दिन में सुधार का दिया आश्वासन
हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर में पेयजल की किल्लत और कूड़े की समस्या को लेकर नागरिक सभा ने नगर निगम के खिलाफ आवाज उठाई है। नागरिक सभा के संयोजक संजय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि संगठन की ओर से मेयर को ज्ञापन सौंपकर शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और कूड़े की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई है।
सभा ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो शहरवासियों को साथ लेकर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
नागरिक सभा के अनुसार, पिछले पांच से छह महीनों से शहर में पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं है। लोगों को आठ से नौ दिनों के अंतराल पर पानी मिल रहा है, जिससे उन्हें रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है। संगठन का कहना है कि पानी की अनियमित आपूर्ति से नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों और बच्चों वाले परिवारों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कूड़े की समस्या और सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग
नागरिक सभा ने सोलन के विभिन्न वार्डों में फैली गंदगी और कूड़ा उठाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन के मुताबिक, कई स्थानों पर डस्टबिन के बाहर कूड़ा जमा रहता है और समय पर इसका उठान नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है।
सभा ने नगर निगम से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और कूड़े का नियमित उठान सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके साथ ही संगठन ने कूड़े से संबंधित बिलों और करों में की गई वृद्धि पर भी सवाल उठाए हैं।
मेयर ने 5 से 6 दिनों में सुधार का दिया आश्वासन
नागरिक सभा के संयोजक संजय के अनुसार, मेयर से मुलाकात के दौरान पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। सभा का दावा है कि मेयर ने पांच से छह दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन दिया है। अब शहरवासियों को उम्मीद है कि नगर निगम की ओर से इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
नागरिक सभा ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर पेयजल और कूड़े की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन शहर के लोगों को एकजुट कर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। सभा का कहना है कि नियमित पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना नगर निगम की जिम्मेदारी है।
अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन नागरिक सभा की मांगों पर क्या कार्रवाई करता है और सोलन के लोगों को पानी की किल्लत तथा कूड़े की समस्या से कब तक राहत मिलती है।
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