तकनीकी जांच और वित्तीय ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस ने किंगपिन्स तक पहुंच बनाई, 2026 में अब तक 63 मुख्य तस्कर गिरफ्तार।
जिला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाते हुए अब केवल छोटे तस्करों ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं (किंगपिन्स) पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसी अभियान के तहत शिमला पुलिस ने पंजाब के कपूरथला और जालंधर तथा हरियाणा के पिंजौर में दबिश देकर अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी नेटवर्क के तीन प्रमुख सप्लायरों को गिरफ्तार किया है।
तकनीकी जांच से खुला बड़ा नेटवर्क
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मेहर पंवर ने बताया कि पहले मामले में पश्चिमी शिमला पुलिस और स्पेशल सेल ने शोघी बैरियर पर एचआरटीसी बस की जांच के दौरान कुमारसैन निवासी 19 वर्षीय अनुज राजटा के कब्जे से 6 ग्राम चिट्टा बरामद कर उसे गिरफ्तार किया था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, इंटरनेट प्रोटोकॉल रिकॉर्ड (IPDR), कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और गूगल पे ट्रांजैक्शन का गहन विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि चिट्टा पंजाब से संचालित एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा था।
पंजाब से दो मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पंजाब में दबिश देकर कपूरथला निवासी साजन सिंह और जालंधर निवासी जतिन कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि अनुज राजटा ने चंडीगढ़ में जतिन कुमार से चिट्टा खरीदा था और इसके बदले 10,500 रुपये ऑनलाइन माध्यम से साजन सिंह को भेजे थे।
दूसरे मामले में पिंजौर से आरोपी गिरफ्तार
दूसरे मामले में रामपुर उपमंडल के रोपड़ू नाला क्षेत्र में डिटेक्शन सेल ने गश्त के दौरान एक संदिग्ध कार से 9 ग्राम चिट्टा, एक डिजिटल वेट मशीन और 26,000 रुपये नकद बरामद किए थे। इस मामले में किन्नौर के अजेन्द्र कुमार, कुल्लू की मोनिका और शिमला के निखिल को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड, गूगल पे ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच से पता चला कि आरोपियों ने चिट्टा मनीमाजरा में ऑटो चालक की आड़ में नशा तस्करी करने वाले रवि उर्फ रवि गिल से खरीदा था।
पत्नी के खाते में भेजे गए थे पैसे
पुलिस जांच में सामने आया कि रवि गिल ने आरोपियों को बेचने के लिए 20 ग्राम चिट्टा उपलब्ध कराया था। इसकी रकम उसकी पत्नी के बैंक खाते में गूगल पे के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शिमला पुलिस ने हरियाणा के पिंजौर में दबिश देकर रवि गिल को भी गिरफ्तार कर लिया।
2026 में 63 किंगपिन गिरफ्तार
ASP मेहर पंवर ने बताया कि वर्ष 2026 में शिमला पुलिस अब तक 63 मुख्य सप्लायर (किंगपिन्स) को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही 48 बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर उन्हें जड़ से खत्म करने में सफलता हासिल की है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी नशा तस्करों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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