ऊना में बड़ी मात्रा में चूरा पोस्त बरामदगी के बाद शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी अब तेज हो गई है। भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती द्वारा प्रदेश सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने के बाद अब ऊना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता सतपाल सिंह रायजादा ने पलटवार किया है।
रायजादा ने कहा कि प्रदेश सरकार नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में ऊना पुलिस द्वारा की गई 4 क्विंटल 52 किलो 660 ग्राम चूरा पोस्त की बरामदगी इसी अभियान का परिणाम है।
नशा तस्करों को नहीं मिलेगा राजनीतिक संरक्षण
कांग्रेस नेता सतपाल सिंह रायजादा ने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है कि नशा तस्करी में शामिल लोगों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बड़ी कार्रवाई के लिए ऊना पुलिस की भी सराहना की।
सत्ती को हर मामले को राजनीतिक रंग न देने की सलाह
रायजादा ने भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती को संयम बरतने की सलाह देते हुए कहा कि हर मामले को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में लोग नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं। केवल किसी व्यक्ति के साथ फोटो होने से किसी जनप्रतिनिधि को उसकी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
रायजादा ने कहा कि अनैतिक गतिविधियों में शामिल लोगों की तस्वीरें कई नेताओं के साथ सामने आती रहती हैं, इसलिए किसी भी मामले में आरोप लगाने से पहले तथ्यों को देखना जरूरी है।
नशे के खिलाफ सभी दलों को मिलकर काम करने की जरूरत
पूर्व विधायक ने कहा कि नशा प्रदेश और युवाओं के भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर सभी दलों को पुलिस और प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है और आने वाले समय में नशा तस्करों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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