सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, वन भूमि पर सड़क निर्माण और पर्यावरणीय उल्लंघन की भी जांच; दस्तावेजों व वित्तीय लेनदेन की पड़ताल जारी।
सिरमौर जिले के चर्चित राजगढ़ सड़क निर्माण मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) की जांच तेज हो गई है। मामले में अब राजनीतिक कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में मिले कथित साक्ष्यों के आधार पर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए एक पूर्व विधायक को एफआईआर में नामजद करने की तैयारी की जा रही है।
जांच एजेंसी के अनुसार, पूर्व विधायक की कथित भूमिका और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। विजिलेंस का कहना है कि कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
निजी लाभ के लिए सरकारी सड़क के इस्तेमाल का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व विधायक पर अपने कारोबारी साझेदार के साथ बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने के बाद वहां पहुंच के लिए सरकारी धन से बनी सड़क का कथित तौर पर निजी लाभ के लिए इस्तेमाल कराने का आरोप है।
विजिलेंस यह भी जांच कर रही है कि सड़क निर्माण स्वीकृत सीमा से आगे कैसे पहुंचा और क्या इसका विस्तार संरक्षित वन क्षेत्र या शामलात भूमि तक हुआ। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सड़क निर्माण से किसे लाभ पहुंचा।
वन अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ
मामले की जांच के तहत संबंधित वन मंडलाधिकारी (डीएफओ), वन रक्षकों और अन्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से शिमला स्थित विजिलेंस मुख्यालय में पूछताछ की जा चुकी है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध सड़क निर्माण, वन भूमि पर अतिक्रमण और पेड़ों की कटाई के दौरान विभागीय स्तर पर लापरवाही हुई या किसी स्तर पर जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई।
पहले ही दर्ज है एफआईआर
राजगढ़ सड़क निर्माण मामले में एसवी एंड एसीबी थाना नाहन में भारतीय न्याय संहिता और भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
विजिलेंस दस्तावेजों, सरकारी रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके अलावा संबंधित रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच भी करवाई जा रही है।
सरकारी धन और वित्तीय लेनदेन की भी जांच
विजिलेंस इस मामले को केवल सड़क निर्माण में अनियमितता तक सीमित नहीं मान रही है। एजेंसी सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, पर्यावरणीय उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं के पहलुओं की भी जांच कर रही है।
विशेष जांच दल सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत राशि, भुगतान प्रक्रिया, संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड और संभावित मनी ट्रेल की जांच में जुटा है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्य आधारित है। यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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