2013 से 2023 तक अर्जित संपत्ति, बैंक खाते, निवेश और रक्कड़ स्थित मकान निर्माण खर्च की होगी पड़ताल; सुधीर शर्मा ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
हिमाचल प्रदेश विजिलेंस ब्यूरो ने धर्मशाला से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोप में मामला दर्ज किया है। विजिलेंस ने यह एफआईआर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की है। अब जांच के दौरान उनकी वर्ष 2013 से 2023 तक अर्जित संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और अन्य रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल की जाएगी।
विजिलेंस के अनुसार, जांच के दायरे में सुधीर शर्मा की चल और अचल संपत्तियां, बैंक खाते, निवेश, डिजिटल रिकॉर्ड तथा अन्य वित्तीय गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा रक्कड़ स्थित मकान के निर्माण, इंटीरियर, फिक्स्चर और फर्निशिंग पर हुए खर्च का तकनीकी मूल्यांकन भी कराया जाएगा।
दस्तावेजों की जांच के बाद दर्ज हुआ मामला
विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में सरकारी विभागों और अन्य एजेंसियों से प्राप्त वित्तीय एवं संपत्ति संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। इसमें आयकर रिटर्न, चुनावी हलफनामे, संपत्ति रिकॉर्ड, हाउस बिल्डिंग एडवांस से जुड़े दस्तावेज और संपत्ति मूल्यांकन रिपोर्ट शामिल हैं।
ब्यूरो के अनुसार, रिकॉर्ड के प्रारंभिक मिलान में यह पाया गया कि संबंधित लोक सेवक की संपत्ति और खर्च उनकी घोषित वैध आय की तुलना में अधिक प्रतीत हो रहे हैं। इसके बाद आपराधिक मामला दर्ज कर आगे की जांच के लिए पर्याप्त आधार मिलने की बात कही गई।
बैंक खातों और निवेश की भी होगी जांच
विजिलेंस जांच में अब सुधीर शर्मा के बैंकिंग रिकॉर्ड, चल-अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जाएगी।
इसके साथ ही मकान निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, निर्माण लागत और अन्य खर्चों का तकनीकी आकलन भी किया जाएगा। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
मामला एएसपी ब्रह्मदास भाटिया की ओर से दर्ज करवाया गया है। इसकी जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक नरेश कुमार को सौंपी गई है।
सुधीर शर्मा बोले- कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित
एफआईआर दर्ज होने के बाद भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल दिल्ली दौरे पर हैं और लौटने के बाद मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।
उन्होंने कहा कि वह जांच एजेंसियों को पहले भी पूरा सहयोग करते रहे हैं और उन्हें न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि "सांच को आंच नहीं" और जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार पहले भी उनके खिलाफ कई जांच करवा चुकी है। उन्होंने कहा कि वह जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद बढ़ा था राजनीतिक विवाद
गौरतलब है कि सुधीर शर्मा पूर्व कांग्रेस सरकार में शहरी विकास मंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस सरकार के दौरान उनका मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ राजनीतिक मतभेद सामने आए थे।
राज्यसभा चुनाव के दौरान सुधीर शर्मा समेत कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद विधानसभा में उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी। बाद में ये सभी विधायक भाजपा में शामिल हो गए।
उपचुनाव में सुधीर शर्मा ने भाजपा के टिकट पर धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर वापसी की थी। इसके बाद से वह प्रदेश की राजनीति में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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