भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मांगा जवाब, PDNA फंड के उपयोग और सड़क कार्यों की प्रगति का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
भाजपा नेता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने हिमाचल प्रदेश की बदहाल सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को अब बयानबाजी छोड़कर प्रदेश की जनता को जवाब देना चाहिए। एक ओर मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर हिमाचल के साथ भेदभाव करने और पर्याप्त धनराशि नहीं देने के आरोप लगाते हैं, तो दूसरी ओर केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यों का उद्घाटन कर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हैं। उन्होंने सरकार के इस रवैये पर सवाल उठाए।
राकेश जम्वाल ने कहा कि जब मुख्यमंत्री केंद्र से पैसा नहीं मिलने का दावा करते हैं, तो फिर केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत हो रहे विकास कार्यों का श्रेय लेने में कांग्रेस सरकार पीछे क्यों नहीं रहती।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हिमाचल के विकास में सहयोग कर रही है। ऐसे में हर समस्या के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराना अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है।
PWD में पैसे की कमी नहीं तो सड़कें बदहाल क्यों?
राकेश जम्वाल ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने विभाग में पैसों की कमी नहीं होने की बात कही थी। जम्वाल ने पूछा कि जब PWD के पास धन की कमी नहीं है और केंद्र से भी विभिन्न योजनाओं के तहत राशि उपलब्ध हो रही है, तो प्रदेश की सड़कें बदहाली का शिकार क्यों हैं?
उन्होंने कहा कि मंडी सहित हिमाचल के अनेक क्षेत्रों में सड़कों पर गड्ढे, क्षतिग्रस्त मार्ग और मरम्मत में देरी आम जनता के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि विभाग के पास पैसा है, तो उसका काम धरातल पर क्यों दिखाई नहीं दे रहा।
उनके अनुसार, लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी केवल बजट की उपलब्धता बताना नहीं, बल्कि उसका सही उपयोग कर जनता को बेहतर सड़कें उपलब्ध करवाना भी है।
PDNA के तहत स्वीकृत धनराशि का हिसाब मांगा
राकेश जम्वाल ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के बाद हिमाचल प्रदेश के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 2,006.40 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की थी। इस योजना के तहत लोक निर्माण विभाग के लिए 487.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी धनराशि के बावजूद सड़कें बदहाल हैं,
तो सरकार को इसके उपयोग और कार्यों की प्रगति का पूरा हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने PDNA फंड के उपयोग को लेकर सामने आ रही अनियमितताओं की शिकायतों पर भी चिंता जताई। जम्वाल ने कहा कि आपदा पुनर्निर्माण के नाम पर स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित कार्यों पर पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि वास्तविक नुकसान के सत्यापन, टेंडर प्रक्रिया या भुगतान को लेकर शिकायतें हैं, तो सरकार उनकी निष्पक्ष जांच करवाए।
सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग
भाजपा विधायक ने सरकार से सवाल किया कि PDNA के तहत स्वीकृत कितने सड़क कार्य पूरे हो चुके हैं, कितनी राशि खर्च हुई है, कितने कार्यों का भौतिक सत्यापन किया गया है और कितने मामलों में गुणवत्ता की जांच हुई है। उन्होंने कहा कि यदि विभाग में धन की कमी नहीं है, तो सड़क निर्माण और मरम्मत में देरी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जम्वाल ने मांग की कि सरकार PDNA फंड सहित सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए स्वीकृत धनराशि, टेंडर, ठेकेदारों, भुगतान और कार्यों की प्रगति का विधानसभा क्षेत्रवार विवरण सार्वजनिक करे। जहां भी अनियमितता के प्रमाण मिलें, वहां निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
केंद्र पर आरोप लगाने से पहले अपना हिसाब दे सरकार: जम्वाल
राकेश जम्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को केंद्र पर भेदभाव के आरोप लगाने से पहले अपनी सरकार के कामकाज का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली सहायता का लाभ लेते समय उसका श्रेय लेना और सरकार की नाकामियों के लिए उसी केंद्र को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र से धन उपलब्ध हो रहा है और लोक निर्माण मंत्री स्वयं विभाग में पैसों की कमी नहीं होने की बात कह रहे हैं, तो हिमाचल की सड़कों की दुर्दशा का जवाब भी सरकार को देना होगा। जम्वाल ने कहा कि प्रदेश की जनता को बहाने नहीं, गड्ढामुक्त सड़कें और राजनीतिक बयानबाजी के बजाय धरातल पर विकास चाहिए।
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