सुक्खू ने भाजपा पर पांच गुटों में बंटे होने का लगाया आरोप, कहा- जिसे जाना है वह भी चला जाए; ईवीएम पर संदेह दूर करने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पैरवी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन के बयानों पर पलटवार करते हुए भाजपा पर गुटबाजी का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर्ष महाजन उनसे बाद में राजनीति में आए थे। उन्होंने कहा कि वह हर्ष महाजन से पहले ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी और एनएसयूआई के अध्यक्ष बन चुके थे।
‘भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है’
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा में नेतृत्व को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा, “खुद भारतीय जनता पार्टी पांच गुटों में बंटी बैठी है।
हर्ष महाजन मुझसे बाद में राजनीति में आए। मैं उनसे पहले प्रदेश कांग्रेस और एनएसयूआई का अध्यक्ष बन गया था। वे जगह-जगह बोल रहे हैं कि अब यह बनेंगे, फिर यहां आकर बोलते हैं कि वह बनेंगे। गुटबाजी तो उनमें है, पांच गुटों में भाजपा बंटी हुई है, जितने मर्जी बयान दे दें।”
कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं की वापसी नहीं होगी
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं की वापसी को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे नेताओं को वापस लेना ही नहीं चाहती, इसलिए उनकी वापसी पर चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन नेताओं का अभी भी कांग्रेस छोड़कर जाने का मन है, वे भी जा सकते हैं।
वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण पर दी सफाई
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर भी सुक्खू ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के कई अन्य नेता मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के बड़े नेता रहे हैं और उनका सम्मान करना प्रदेश की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है। प्रतिमा का अनावरण उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है। इसे पार्टी के भीतर गुटबाजी से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
सुक्खू ने स्पष्ट किया कि वह दिल्ली में होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि उनकी अनुपस्थिति को पार्टी के भीतर किसी तरह की खींचतान से जोड़ना सही नहीं है।
ईवीएम पर संदेह दूर करने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव की पैरवी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि लोगों के मन में ईवीएम से मतदान को लेकर किसी तरह का संदेह है, तो उसे दूर करने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव कराना अच्छा विकल्प हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ईवीएम को लेकर हम तो चाहते हैं कि इस शक-शुबहा को दूर करने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव हो जाए, तो अच्छा है। इसमें कौन-सी दो राय है।”
नवंबर में विधानसभा सत्र बुलाने पर विचार
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नवंबर में सत्र आयोजित करने की बात कही गई है। यदि विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से इस संबंध में प्रस्ताव आता है, तो सरकार नवंबर में सत्र बुलाने पर विचार कर सकती है।
उन्होंने कहा कि दिसंबर में हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन के चलते सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। इस दौरान सरकारी वाहनों की आवाजाही, रूट व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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