मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिखाई हरी झंडी, रामपुर से रिकांगपिओ तक भी होगी उड़ान; हमीरपुर, चंबा और पालमपुर को हवाई सेवा से जोड़ने की तैयारी
हिमाचल प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संजौली हेलीपोर्ट से शिमला-रामपुर हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को हेलीकॉप्टर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस सेवा के शुरू होने से रामपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी। वहीं, रामपुर से आगे रिकांगपिओ तक भी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध होगी।
सप्ताह में तीन दिन मिलेगी हवाई सुविधा
हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में तीन दिन सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को उपलब्ध होगी। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार, हेलीकॉप्टर संजौली से सुबह 9:55 बजे रवाना होकर 10:30 बजे रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद रामपुर से रिकांगपिओ के लिए उड़ान सुबह 10:50 बजे होगी और हेलीकॉप्टर 11:25 बजे रिकांगपिओ पहुंचेगा।
VGF के तहत राज्य सरकार ने दी हिस्सेदारी को मंजूरी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़ना है, ताकि लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिले और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने बताया कि रामपुर में हेलीपोर्ट तैयार होने के बावजूद उड़ानें शुरू नहीं हो पाई थीं। रामपुर दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने उनके सामने यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के समक्ष मामला उठाया और सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के तहत राज्य सरकार की हिस्सेदारी को मंजूरी दी गई। इसके बाद रामपुर के लिए नियमित उड़ान शुरू करने का रास्ता साफ हुआ।
हमीरपुर, चंबा और पालमपुर को भी जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। रामपुर के बाद हमीरपुर, चंबा और पालमपुर में भी हवाई सेवा शुरू करने की योजना है। उन्होंने बताया कि इन सेवाओं को शुरू करने के लिए बातचीत चल रही है और आने वाले तीन से चार महीनों में इन्हें शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई क्षेत्रों तक सड़क मार्ग से पहुंचने में अधिक समय लगता है। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी हेलीकॉप्टर सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए ₹2,400 करोड़ की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार को प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि गग्गल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से ₹2,400 करोड़ की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की है और इसके लिए भुगतान भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तार से बड़े विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिल सकती है।
शिमला में हेलीपोर्ट के लिए जमीन की तलाश
राजधानी शिमला में हवाई कनेक्टिविटी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हेलीपोर्ट निर्माण के लिए जमीन तलाश रही है, लेकिन अभी तक आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त जगह नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि शिमला को हवाई सेवा से जोड़ना सरकार के लिए महत्वपूर्ण है और इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
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