किसान सम्मान निधि योजना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार, कृषि सब्सिडी बंद करने और बंदरों के आतंक पर प्रदेश सरकार को घेरा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और प्रदेश में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं, वहीं प्रदेश सरकार किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है।
किसान सम्मान निधि योजना को बताया बड़ी राहत
शनिवार को जारी बयान में वीरेंद्र कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि दो से ढाई एकड़ तक भूमि रखने वाले किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलने से बीज खरीदने, बुआई कराने और अन्य कृषि कार्यों में सुविधा मिलती है।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने और इसके लिए 3.50 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान को किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताया।
कांग्रेस सरकार पर लगाए कई आरोप
वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों को राहत देने के बजाय उनकी परेशानियां बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली की दरों में वृद्धि, डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और बीजों पर मिलने वाली सब्सिडी बंद होने से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर और मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत किसानों को पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था से सब्सिडी दी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ा सकी। उन्होंने कांग्रेस से यह भी पूछा कि अब तक कितने किसानों को इन योजनाओं का लाभ मिला है।
बंदरों के आतंक पर भी सरकार को घेरा
पूर्व कृषि मंत्री ने प्रदेश में बंदरों के बढ़ते आतंक को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान और महिलाएं लगातार इससे परेशान हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि एक महिला ने उन्हें बताया कि बंदर ने घर में घुसकर उस पर हमला किया, जिसके बाद उसे एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पड़े।
मंकी स्टरलाइजेशन सेंटर बंद होने का आरोप
वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि पहले बंदरों की संख्या नियंत्रित करने के लिए संचालित मंकी स्टरलाइजेशन सेंटर बजट के अभाव में बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से बंदरों की नसबंदी कर उनकी संख्या नियंत्रित की जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को भी प्रभावी रूप से जारी नहीं रखा।
इसके कारण प्रदेश में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है और उन्हें समय पर राहत देने में विफल रही है।
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