शिक्षा मंत्री ने नूरपुर में गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, बोले- 150 सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम और सीबीएसई पैटर्न लागू करने की तैयारी।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि आजादी के समय हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर केवल 7 प्रतिशत थी, लेकिन समय-समय पर प्रदेश की सभी सरकारों के प्रयासों से इसमें लगातार सुधार हुआ है।
आज हिमाचल 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ देश के अग्रणी विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता को संब सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकारी स्कूल राज्यों में शामिल है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
शिक्षा मंत्री चंबा दौरे के दौरान नूरपुर स्थित वन विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पूर्व विधायक अजय महाजन सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम और सीबीएसई पाठ्यक्रम पर जोर
रोहित ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन को देखते हुए पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि चरणबद्ध तरीके से सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। इसके पहले चरण में प्रदेश के 150 सरकारी विद्यालयों का चयन किया गया है।
इन स्कूलों के लिए शिक्षकों का अलग कैडर तैयार किया जाएगा, जिसमें 3,500 से 4,000 शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावक्षण में शिक्षकों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था। वर्तमान सरकार के प्रक्रिया में शोषण और पक्षपात के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीतिित है।
शिक्षा विभाग में भरे गए 8,500 से अधिक पद
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 के राष्ट्रीय सर्वेक्षण में शिक्षकों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में टीजीटी, जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों के 4,000 से अधिक पद बैचवाइज आधार पर भरे गए हैं।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के चलते प्रदेश अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। शिक्षा विभाग में अब तक लगभग 8,500 पद भरे जा चुके हैं।
मेधावी छात्रों को विदेशों में एक्सपोजर विजिट
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार मेधावी विद्यार्थियों को विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेज रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर पर सीखने और अपने ज्ञान का विस्तार करने के अवसर उपलब्ध करवाना है।
पेपर लीक मामलों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़े सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में शोषण और पक्षपात के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने भी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए हाई पावर कमेटी गठित की है। कमेटी की सिफारिशों का अध्ययन करने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
शिक्षा बजट में 9 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली आरडीजी ग्रांट और जीएसटी क्षतिपूर्ति बंद होने तथा पुरानी पेंशन योजना लागू होने के कारण राज्य को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा विभाग के लिए 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजटीय प्रावधान किया है, जो कुल बजट का करीबमहिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की योजना पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार अपने संसाधन
बढ़ा रही है। इसी आधार पर पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा 18 प्रतिशत है।
पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से मिल रही 1500 रुपये की राशि
महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की योजना पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार अपने संसाधन बढ़ा रही है। इसी आधार पर पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
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