लंबलू के विशाल भारद्वाज और री गांव के अश्विनी शर्मा बने प्रदेश के डेयरी किसानों के लिए प्रेरणा। हिसार स्पर्म स्टेशन एंड रिसर्च सेंटर की टीम ने किया चयन।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के दो प्रगतिशील डेयरी फार्मरों ने पशुपालन क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के लंबलू निवासी विशाल भारद्वाज और री गांव के अश्विनी शर्मा की मेहनत और वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन का परिणाम है कि उनके पशुओं का चयन उन्नत नस्ल सुधार कार्यक्रम के लिए किया गया है।
हरियाणा के हिसार स्थित स्पर्म स्टेशन एंड रिसर्च सेंटर की टीम ने दोनों डेयरी फार्मों का निरीक्षण करने के बाद मुर्रा भैंसे और जर्सी बछड़े का चयन किया।
मुर्रा भैंसे का हुआ चयन
प्रगतिशील डेयरी फार्मर विशाल भारद्वाज ने बताया कि उनके फार्म से मुर्रा भैंसे का चयन हिसार स्पर्म स्टेशन एंड रिसर्च सेंटर की टीम ने उन्नत नस्ल सुधार के लिए किया है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उनके फार्म से एक सांड नस्ल सुधार कार्यक्रम के लिए हिसार रिसर्च सेंटर भेजा जा चुका है। यह उपलब्धि उनके लिए गर्व का विषय है और पशुपालन क्षेत्र में बेहतर प्रयासों का परिणाम है।
जर्सी बछड़े का चयन बना मिसाल
वहीं, हमीरपुर जिले के री गांव निवासी अश्विनी शर्मा के डेयरी फार्म से जर्सी बछड़े का चयन भी उन्नत नस्ल विस्तार के लिए किया गया है।
अश्विनी शर्मा ने वैज्ञानिक तरीके से डेयरी प्रबंधन, बेहतर पशु देखभाल और गुणवत्तापूर्ण नस्ल विकास पर लगातार काम किया है। उनके फार्म से बछड़े का चयन होना जिले और प्रदेश के अन्य डेयरी फार्मरों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
डेयरी क्षेत्र में नई उम्मीद
दोनों फार्मरों की सफलता से साबित होता है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पशुपालन और बेहतर प्रबंधन अपनाकर डेयरी क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं। उनकी उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के अन्य पशुपालकों को भी उन्नत नस्ल सुधार और आधुनिक डेयरी फार्मिंग के लिए प्रेरित करेगी।
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