गौमांस संबंधी कथित बयान पर असम CM से माफी की मांग, जय राम ठाकुर पर भी जातिवादी सोच का आरोप; SIR, वोट चोरी और आपदा राहत को लेकर भी भाजपा को घेरा
हिमाचल प्रदेश में भाजपा की ‘अराजकता हटाओ पदयात्रा’ के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीतिक हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता कौशल मुंगटा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शिमला दौरे और भाजपा नेताओं की ओर से उनके स्वागत को लेकर पार्टी की हिंदुत्व की राजनीति पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने भाजपा से गौमांस को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा के कथित बयान पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही असम के मुख्यमंत्री से हिंदू समाज से माफी मांगने को कहा।
सोमवार को शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कौशल मुंगटा ने भाजपा की पदयात्रा को ‘अराजकता रैली’ करार दिया। उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा के पुराने बयानों, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर की कथित जातिगत टिप्पणी, SIR और असम की आर्थिक स्थिति सहित कई मुद्दों पर भाजपा को घेरा।
मुंगटा ने कहा कि भाजपा खुद को हिंदुत्व, सनातन धर्म और गौमाता का समर्थक बताती है, लेकिन उसी पार्टी ने ऐसे नेता का हिमाचल में स्वागत किया, जिनके गौमांस को लेकर दिए गए कथित बयान पर कांग्रेस को आपत्ति है।
गौमांस संबंधी कथित बयान पर हिमंत बिस्वा सरमा से माफी की मांग
कौशल मुंगटा ने दावा किया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने अप्रैल में असम में बयान दिया था कि गौमांस घर के अंदर खाया जा सकता है, लेकिन होटल या सार्वजनिक स्थानों पर नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि गौमाता और सनातन धर्म की बात करने वाली भाजपा ऐसे बयान देने वाले नेता का स्वागत कैसे कर सकती है।
मुंगटा ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि गौमांस को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा के कथित बयान पर उसका क्या रुख है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री से हिंदू समाज से माफी मांगने की मांग की और प्रदेश भाजपा नेताओं से भी पूछा कि क्या वे इस तरह के बयानों का समर्थन करते हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल में कभी धर्म, जाति और क्षेत्र के आधार पर राजनीति नहीं की। भारत विभिन्न धर्मों, जातियों और समुदायों का गुलदस्ता है और सभी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
2014 के पुराने बयानों का भी किया जिक्र
मुंगटा ने हिमंत बिस्वा सरमा के पुराने राजनीतिक बयानों का जिक्र करते हुए भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब सरमा भाजपा में शामिल नहीं हुए थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर उनके कथित बयान पर भाजपा नेताओं और समर्थकों ने सवाल उठाए थे।
कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि उस समय भाजपा नेताओं ने सरमा के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सवाल किया कि जिस नेता के पुराने बयानों पर भाजपा पहले आपत्ति जताती थी, उसी नेता के पार्टी में शामिल होने के बाद अब उसका स्वागत क्यों किया जा रहा है। मुंगटा ने हिमंत बिस्वा सरमा से जुड़े पुराने राजनीतिक विवादों और उन पर लगे आरोपों का भी उल्लेख किया।
जय राम ठाकुर की कथित टिप्पणी पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रेसवार्ता में कौशल मुंगटा ने नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कोटखाई में कैबिनेट मंत्री रोहित ठाकुर को लेकर जय राम ठाकुर की कथित टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम राजपूत हैं और हमारा स्वाभिमान होता है।
मुंगटा ने इस टिप्पणी को घोर जातिवादी सोच करार देते हुए सवाल उठाया कि क्या स्वाभिमान केवल किसी एक जाति या समुदाय का होता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अनेक जातियों, समुदायों और धर्मों के लोग रहते हैं और सभी का अपना स्वाभिमान होता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि किसी एक जाति से जुड़कर स्वाभिमान की बात करना बाकी समाज के लोगों के सम्मान को कमतर दिखाने जैसा है। उन्होंने जय राम ठाकुर से इस बयान पर माफी मांगने की मांग की। मुंगटा ने कहा कि हिमाचल की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द से है, इसलिए राजनीतिक नेताओं को अपने बयानों में सावधानी बरतनी चाहिए।
SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा से जवाब मांगा
कौशल मुंगटा ने भाजपा की पदयात्रा के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में इस समय मतदाता सूची की पारदर्शिता और कथित वोट चोरी का मुद्दा महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इन सवालों का जवाब देने के बजाय धार्मिक और जातिगत मुद्दों को हवा दे रही है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए दावा किया कि अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम काटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। मुंगटा ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में करीब 7 लाख 32 हजार नाम काटे जाने और प्रभावित लोगों को सुनवाई का अवसर नहीं मिलने का दावा किया।
उन्होंने महाराष्ट्र में कथित तौर पर बड़ी संख्या में इनोवेशन फॉर्म पकड़े जाने और उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से करीब 1 करोड़ 17 लाख नाम गायब होने से जुड़े दावों का भी उल्लेख किया। कांग्रेस प्रवक्ता ने फॉर्म-6 की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले से मतदाता सूची में शामिल व्यक्ति को दोबारा अपनी पात्रता साबित करने की स्थिति में क्यों लाया जा रहा है।
मुंगटा ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि SIR का मुद्दा लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार से जुड़ा है। कांग्रेस, CPI(M), RJD और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दल इस विषय को उठा रहे हैं।
असम की आर्थिक स्थिति और कर्ज का मुद्दा उठाया
कांग्रेस प्रवक्ता ने असम में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य पर बढ़े कर्ज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2019-20 के बाद असम पर कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ा है।
मुंगटा ने भाजपा से सवाल किया कि हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करने से पहले पार्टी नेताओं को उन राज्यों की वित्तीय स्थिति पर भी जवाब देना चाहिए, जहां भाजपा की सरकारें हैं।
उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा पर लगे कथित PPA घोटाले के आरोपों का भी उल्लेख करते हुए भाजपा से इन मामलों पर जवाब देने की मांग की।
आपदा राहत को लेकर कांग्रेस ने किया सरकार का बचाव
कौशल मुंगटा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार का बचाव करते हुए कहा कि आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए सरकार ने अपने स्तर पर प्रयास किए। उन्होंने दावा किया कि आपदा प्रभावितों के लिए सरकार ने करीब 4,500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया था।
उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से घोषित 15 करोड़ रुपये की सहायता का जिक्र करते हुए भाजपा नेताओं से पूछा कि प्रदेश को आपदा राहत के लिए वास्तव में कितनी अतिरिक्त सहायता मिली। मुंगटा ने कहा कि राज्य सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का प्रयास किया।
उन्होंने भाजपा से पदयात्राओं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय प्रदेश के विकास, आपदा राहत, रोजगार और आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही।
कांग्रेस ने भाजपा से नेताओं के बयानों पर जवाब मांगा
प्रेसवार्ता के अंत में कौशल मुंगटा ने कहा कि भाजपा को दूसरों को हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने से पहले अपने नेताओं के बयानों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा से गौमांस संबंधी कथित बयान पर और जय राम ठाकुर से जाति के नाम पर स्वाभिमान की टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग दोहराई।
मुंगटा ने भाजपा की पदयात्रा को जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला राजनीतिक अभियान बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता राजनीतिक दलों की कथनी और करनी में अंतर समझती है।
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