लांगणा पंचायत के चिम्हणु गांव के रहने वाले हैं डॉ. अभिनव शर्मा, क्षेत्रवासियों ने दी शुभकामनाएं
धर्मपुर नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने के लिए डॉ. अभिनव शर्मा ने बतौर मेडिकल ऑफिसर अपना कार्यभार संभाल लिया है। युवा डॉक्टर की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ लांगणा पंचायत और चिम्हणु गांव में भी खुशी का माहौल है।
क्षेत्रवासियों ने डॉ. अभिनव शर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं और उम्मीद जताई है कि वह अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
डॉ. अभिनव शर्मा का जन्म जोगिंदरनगर विधानसभा क्षेत्र की लांगणा पंचायत के चिम्हणु गांव में राजेश शर्मा और किरण शर्मा के घर हुआ। बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और मेहनती रहे डॉ. अभिनव शर्मा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर चिकित्सा क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल किया है।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ज्योति पब्लिक स्कूल लांगणा से शुरू की। इसके बाद मैट्रिक की शिक्षा न्यू क्रिसेंट स्कूल जोगिंदरनगर से पूरी की। जमा दो की पढ़ाई उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जोगिंदरनगर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में कदम रखते हुए लाल बहादुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नेरचौक से डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की।
चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद अब डॉ. अभिनव शर्मा ने धर्मपुर नागरिक अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। उनके कार्यभार संभालने से क्षेत्र के लोगों को अस्पताल में एक और चिकित्सक की सेवाएं मिलने की उम्मीद जगी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से उपचार के लिए नागरिक अस्पताल धर्मपुर पहुंचने वाले लोगों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।
डॉ. अभिनव शर्मा की इस सफलता पर उनके दादा ज्ञान चन्द शर्मा और दादी चंद्रावती, छोटे भाई आदित्य शर्मा, ताया विजय शर्मा, ताई अराधना शर्मा, ताया गुलशन शर्मा, ताई सरिता शर्मा, बुआ नीशा शर्मा, नाना ब्यास चंद और नानी मीरा देवी ने खुशी व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि अभिनव ने अपनी मेहनत और लगन से परिवार का नाम रोशन किया है। डॉक्टर बनने का उनका सपना अब सेवा के रूप में आगे बढ़ रहा है, जो पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय है।
परिवार के सदस्यों और परिचितों ने भी डॉ. अभिनव शर्मा को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि चिम्हणु जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर युवा का डॉक्टर बनना और अब सरकारी अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के रूप में सेवाएं देना अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।
डॉ. अभिनव शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादा-दादी, परिवारजनों और शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा उनके लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करने का माध्यम है और वह अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे।
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